एनएसई लगातार तीन साल से विश्व का सबसे बड़ा डेरीवेटिव्स एक्सचेंज बना

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 20 जनवरी  2022, नई दिल्ली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (एनएसई) कॉन्ट्रैक्ट्स की संख्या में वर्ष 2021 में विश्व के सबसे बड़े डेरीवेटिव्स एक्‍सचेंज के रूप में उभरा है। इसे यह दर्जा डेरीवेटिव्स कारोबार संगठन, फ्यूचर्स इंडस्ट्री असोसिएशन (एफआईए) द्वारा अनुरक्षित आँकड़ों के आधार पर मिला है। कैलेंडर वर्ष 2021 के लिए वर्ल्ड फेडरेशन ऑफ़ एक्सचेंजेज (डब्लूएफई) द्वारा अनुरक्षित आँकड़ों के अनुसार कारोबार की संख्या द्वारा नकद इक्विटीज में एनएसई को चौथा स्थान प्राप्त हुआ है।

इस अवसर पर एनएसई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एमडी एवं सीईओ), श्री विक्रम लिमये ने कहा कि, “एनएसई का ग्लोबल लीडर के रूप में उभरना और लगातार तीसरे साल विश्व में सबसे बड़ा डेरीवेटिव्स एक्सचेंज बनने के साथ-साथ कारोबारों की संख्या द्वारा नकद इक्विटीज में चौथा सबसे बड़ा एक्सचेंज होना हमारे और हमारे देश के लिए भारी गौरव की बात है। हम सचमुच भारत सरकार, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड, भारतीय रिज़र्व बैंक, कारोबारी और क्लीयरिंग सदस्यों, बाज़ार के सहभागियों तथा अपने सभी हिस्सेदारों द्वारा वर्षो से हमें सहयोग करते रहने के लिए उनके प्रति आभारी हैं। उनके सहयोग के बिना हमारी उपलब्धियाँ संभव नहीं हुई होतीं।

एनएसई को इक्विटी डेरीवेटिव्स और करेंसी डेरीवेटिव्स में कारोबार किये गए कॉन्ट्रैक्ट्स की संख्या पर विश्व में सबसे बड़े एक्सचेंज का दर्जा मिला है। दस्तावेज के स्तर पर एनएसई ने कारोबार किये गए कॉन्ट्रैक्ट्स की संख्या द्वारा इंडेक्स ऑप्शंस और करेंसी ऑप्शंस में प्रथम स्थान हासिल किया है। निफ्टी बैंक इंडेक्स पर इंडेक्स ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स ने प्रथम स्थान और निफ्टी 50 सूचकांक ने कारोबार किये गए कॉन्ट्रैक्ट्स की संख्या द्वारा इंडेक्स ऑप्शंस केटेगरी में विश्व स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। यूएस डॉलर - भारतीय रुपया ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट को करेंसी ऑप्शंस केटेगरी में कारोबार किये गए कॉन्ट्रैक्ट्स की संख्या द्वारा प्रथम दर्जा दिया गया है।वर्ष 2021 में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर पंजीकृत कुल निवेशकों की संख्या 5 करोड़ को पार करके 5.5 करोड़ पर पहुँच गई। विदेश पोर्टफोलियो निवेशकों ने लगातार तीसरे कैलेंडर वर्ष के लिए इक्विटीज में - 2019 में 1,01,122 करोड़ रुपये, 2020 में 1,70,262 करोड़ रुपये और 2021 में 25,752 करोड़ रुपये की आवक दर्ज की।

विगत 10 वर्षों में इक्विटी डेरीवेटिव्स के दैनिक औसत कारोबार में 4.2 गुणा की वृद्धि हुई और इसकी रकम वर्ष 2021 के 33,305 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2021 में 1,41,267 करोड़ रुपये पर दर्ज हुई। उसी अवधि में नकदी बाज़ार के दैनिक औसत कारोबार में 6.2 गुणा की बढ़ोतरी हुई और इस आधार पर इसकी राशि जो वर्ष 2011 में 11,187 करोड़ रुपये थी, वह वर्ष 2021 में 69,644 करोड़ रुपये पर पहुँच गई। इक्विटी डेरीवेटिव्स और नकद बाज़ार कारोबार का अनुपात लगातार गिरावट के साथ वर्ष 2011 के 2.98 से 2021 में 2.03 हो गया। शैक्षणिक शोध से पता चला है कि बढ़िया काम करने वाले डेरीवेटिव्स बाज़ार विविध प्रकार के लाभ प्रदान कर सकते हैं, जिनमें अंतनिहित आस्तियों के लिए बेहतर लिक्विडिटी और उन्नत मूल्य अन्वेषण सम्मिलित हैं।

करेंसी डेरीवेटिव्स में दैनिक औसत कारोबार 2011 में 14,252 करोड़ रुपये था जो 83% वृद्धि के साथ 2021 में 26,017 करोड़ हो गया। एनएसई ने सर्वाधिक सक्रिय यूएस डॉलर-भारतीय रूपया मुद्रा जोड़ी पर साप्ताहिक फ्यूचर्स लॉन्च किया था। यूएसडी-आईएनआर (यूएस डॉलर- भारतीय रूपया) से इतर एफसीवाईआईएनआर (FCYINR) जोड़ी, जैसे कि जीबीपी-आईएनआर, ईयूआर-आईएनआर और जेपीवाई-आईएनआर में भी विगत वर्षों में परिमाण में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है। इसके दैनिक औसत कारोबार में 7 गुणा वृद्धि हुई और यह 2011 में 783 करोड़ रुपये से 2021 में 5,525 करोड़ रुपये पर पहुँच गया। एनएसई ने हाल ही में 24 जनवरी 2022 से निफ्टी मिडकैप सिलेक्ट इंडेक्स पर डेरीवेटिव्स की शुरुआत की घोषणा की है। हाल में इक्विटी बाज़ार में निवेशकों के सभी वर्गों से व्याप्त सहभागिता और इसके फलस्वरूप इन स्टॉक्स में बेहतर लिक्विडिटी के कारण आये उछाल के बाद मिडकैप सेगमेंट ने लोगों का ध्यान आकृष्ट किया है।

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