2022 की तीसरी तिमाही में सूर्या रोशनी का राजस्व बढ़ा

◆ वार्षिक आधार पर 29% बढ़कर 2030 करोड़ रुपये हुआ, उत्पाद मिश्रण में सुधार और स्टील की ऊंची कीमतों से मिली मदद

◆ वित्त वर्ष 22 के 9 महीनों में एबिटा 12% बढ़कर 5429 करोड़ रुपये हुआ, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 3840 करोड़ रुपये था।

◆ मूल्य वर्द्धित उत्पादों और स्टील की ऊंची कीमतों के कारण स्टील पाइप और स्ट्रिप्स से हासिल होने वाले राजस्व में सालाना आधार पर 37% की वृद्धि 

◆ 31 दिसंबर 2021 तक स्टील पाइप और स्ट्रिप्स का निर्यात ऑर्डर बुक 32,000 एमटी रहा 

◆ वित्त वर्ष 22 के अंत तक ग्वालियर में डायरेक्ट फॉर्मिंग टेक्नोलॉजी (डीएफटी) के साथ बड़े व्यास वाले सेक्शन पाइप संयंत्र की शुरुआत की गई

◆ वित्त वर्ष 21 की तीसरी तिमाही की तुलना में वित्त वर्ष 22 की तीसरी तिमाही के दौरान एलईडी लाइटिंग के राजस्व में 10% की वृद्धि के साथ-साथ एलईडी बैटन और डाउन-लाइटर्स जैसे मूल्य वर्धित उत्पादों की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी

◆ भारत दर्शन पार्क (पंजाबी बाग, नई दिल्ली), औरंगाबाद करोडी राष्ट्रीय राजमार्ग और तल्लाह ब्रिज (कोलकाता) में व्यावसायिक स्मार्ट लाइटिंग समाधानों के लिए परियोजनाओं की शुरुआत

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 17 फरवरी  2022, नई दिल्ली। सूर्या रोशनी लिमिटेड ने बेहतर उत्पादों के मिश्रण के दम पर वित्त वर्ष 2022 की तीसरी तिमाही और 31 दिसंबर 2021 को समाप्त हुए पहले 9 महीनों के दौरान शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है। सूर्या रोशनी लिमिटेड, ईआरडब्ल्यू पाइप्स का सबसे बड़ा निर्यातक, ईआरडब्ल्यू जीआई पाइप्स का सबसे बड़ा उत्पादक और भारत की सबसे बड़ी लाइटिंग कंपनियों में से एक है। तीसरी तिमाही में कंपनी का राजस्व 29% की वृद्धि के साथ बढ़कर 2030 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 1578 करोड़ रुपये था।  कंपनी के मजबूत प्रदर्शन की वजह दोनों व्यवसायों (स्टील पाइप और स्ट्रिप्स और लाइटिंग एंड कंज्यूमर ड्यूरेबल्स) में मूल्य वर्द्धित उत्पाद श्रेणियों की शानदार वृद्धि और स्टील की कीमतों में उछाल रहा। हालांकि, कच्चे माल की ऊंची कीमतों और अन्य इनपुट लागतों के कारण मार्जिन पर दबाव बना रहा, जिसे कीमतों में हुई वृद्धि से आंशिक रूप से कम करने में मदद मिली।

स्टील पाइप्स और स्ट्रिप्स के कारोबार में कंपनी के राजस्व में 37% की वृद्धि हुई और इसकी वजह स्टील की ऊंची कीमतों और मार्जिन अभिवृद्धि एपीआई पाइप और निर्यात की लगातार बढ़ी हुई हिस्सेदारी रही। मूल्य वर्द्धित उत्पादों और बाजारों में वॉल्यूम में 40% की जबर्दस्‍त बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसमें एपीआई और स्पाइरल पाइप्स, वास्तविक यूजर्स और निर्यात शामिल हैं। कंपनी के पास 31 दिसंबर 2021 तक 32,000 मीट्रिक टन की एक मजबूत निर्यात ऑर्डर बुक थी, जबकि इसी अवधि के दौरान एपीआई लेपित पाइप ऑर्डरबुक की मात्रा 50,000 मीट्रिक टन थी। कंपनी की योजना मूल्य वर्द्धित उत्पादों जैसे जीआई पाइप्स, एपीआई लेपित पाइप्स और निर्यात में स्टील पाइप्स व स्ट्रिप्स की हिस्सेदारी बढ़ाने पर है।

कंपनी ने वित्त वर्ष 22 के अंत तक ग्वालियर में डायरेक्ट फॉर्मिंग टेक्नोलॉजी (डीएफटी) के साथ एक बड़े व्यास वाले सेक्शन पाइप संयंत्र की शुरुआत की है। यह घरेलू और निर्यात बाजारों से एक स्वस्थ राजस्व मिश्रण पर केंद्रित है। इस बीच, लाइटिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कारोबार में नए जमाने की उत्पाद लाइनों में स्वस्थ विकास दर्ज किया गया है। वित्त वर्ष 21 की तीसरी तिमाही की तुलना में वित्त वर्ष 22 की तीसरी तिमाही के दौरान एलईडी बैटन और डाउन-लाइटर्स जैसे मूल्य वर्धित उत्पादों की बढ़ी हुई हिस्सेदारी के साथ एलईडी लाइटिंग के राजस्व में 10% की वृद्धि हुई है। लाइटिंग और मिक्सर-ग्राइंडर के लिए नए विज्ञापन अभियानों के साथ कंपनी ने अपने विज्ञापन और मार्केटिंग व्यय को आक्रामक बनाया है।

भारत दर्शन पार्क (पंजाबी बाग, नई दिल्ली), औरंगाबाद करोदी राष्ट्रीय राजमार्ग और तल्लाह ब्रिज (कोलकाता), ग्रेटर नोएडा एलईडी स्ट्रीट लाइटिंग में 41 करोड़ रुपये की लागत वाले नई परियोजनाओं की शुरुआत की जा चुकी है, वहीं तावी ब्रिज फसाड (अग्रभाग) लाइटिंग, और कई प्रतिष्ठित परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है।सूर्या रोशनी को पीएलआई योजना में एलईडी लाइटिंग के घटकों के निर्माण के लिए 'बड़े निवेश' श्रेणी के तहत मंजूरी मिली है। अगले पांच सालों में खर्च होने वाले 25 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय की शुरुआत हो चुकी है। यह  एकीकरण को और मजबूत करेगा और आयातित घटकों पर निर्भरता को कम करेगा।

कंपनी के नतीजों पर अपनी बात रखते हुए सूर्या रोशनी के प्रबंध निदेशक राजू बिस्ता ने कहा, “कंपनी ने सालाना आधार पर एक मजबूत प्रदर्शन दर्ज करना जारी रखा है, जो मुख्य रूप से स्टील पाइप्स, लाइटिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में मूल्य वर्धित उत्पादों की बढ़ती हिस्सेदारी से प्रेरित था। मार्जिन कुछ हद तक प्रभावित हुआ क्योंकि इनपुट लागत ऊंचे स्तर पर बनी रही। हालांकि, कंपनी ने सक्रिय रूप से कई कीमतों में बढ़ोतरी की और उच्च इनपुट लागत को कम करने के लिए उसकी कोशिश आगे भी जारी रहेगी। "सूर्या" ब्रांड के लिए मजबूत ब्रांड मांग और ग्राहकों की पसंद के साथ, इन कीमतों में बढ़ोतरी को बाजार ने अच्छी तरह से स्वीकार किया।’’

पेशेवर प्रबंधन, वित्तीय विवेक और "ग्राहक प्रथम" दृष्टिकोण के नेतृत्व में मजबूत व्यावसायिक कौशल के साथ, सूर्या रोशनी ने लाइटिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और स्टील पाइप्स और स्ट्रिप्स दोनों व्यवसायों को कमाई, ॠण पुनर्भुगतान और विकास के मामले में स्वतंत्र, आत्मनिर्भर, स्व-चालित व्यवसायों के रूप में बदल दिया है, जिससे क्रेडिट रेटिंग में अपग्रेड के साथ-साथ राजस्व और लाभ में निरंतर वृद्धि हुई है। लाइटिंग एंड कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के ईडी और सीईओ निरुपम सहाय ने लाइटिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स व्यवसाय को और मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की है।

स्टील पाइप्स और स्ट्रिप्स कारोबार में कंपनी ने स्टील की ऊंची कीमतों और मार्जिन अभिवृद्धि एपीआई पाइप्स और निर्यात में लगातार वृद्धि के कारण राजस्व में सालाना 37% की वृद्धि दर्ज की है। कंपनी को उच्च मार्जिन वाले 3एलपीई कोटेड एपीआई पाइप के लिए लगातार ऑर्डर मिलते रहे है। कंपनी ने जीआई पाइप, एपीआई लेपित पाइप और स्टील पाइप और स्ट्रिप्स में निर्यात जैसे मूल्य वर्द्धित उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है।

लाइटिंग और टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं (कंज्यूमर ड्यूरेबल्स) कारोबार में कंपनी ने नए जमाने की उत्पाद लाइनों में स्वस्थ विकास की स्थिति दर्ज की है। हालांकि, कोविड -19 की तीसरी लहर के अचानक उभरने से उपभोक्ता रुझानों पर असर पड़ा और डीलर स्तर पर स्टॉक को कम किया गया है। इसके अलावा जिंसों की ऊंची कीमतों के साथ समग्र विकास और मुनाफे की स्थिति प्रभावित हुई है। कंपनी मार्जिन को और बढ़ाने के लिए मूल्य वर्द्धित उत्पादों और स्मार्ट लाइटिंग की बढ़ती राजस्व हिस्सेदारी पर ध्यान केंद्रित कर रही है। प्रतिस्थापन लागत को कम करने पर कंपनी के केंद्रित ध्यान ने अच्छा काम किया है। सेल्सफोर्स ऑटोमेशन (एसएफए) जैसी उत्पादकता बढ़ाने के लिए कंपनी-व्यापी पहल की गई, जिसे सभी क्षेत्रों में लागू किया जा रहा है। कंपनी आधुनिक, नवोन्मेषी, प्रगतिशील और चुस्त ब्रांड में बदलने के विजन के साथ मार्केटिंग और विज्ञापन में लगातार निवेश कर रही है। कंपनी प्रोफेशनल लाइटिंग में कई स्मार्ट लाइटिंग परियोजनाओं में भाग लेने पर ध्यान देना जारी रखेगी।

सूर्या रोशनी को पीएलआई योजना में एलईडी लाइटिंग के घटकों के निर्माण के लिए 'बड़े निवेश' श्रेणी के तहत मंजूरी मिली है। अगले पांच सालों में होने वाले 25 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्य्य की शुरुआत हो चुकी है। यह बैकवर्ड इंटीग्रेशन को और मजबूत करेगा और आयातित घटकों पर निर्भरता कम करेगा। वित्त मंत्री ने 1 फरवरी 2022 को एक सरल लेकिन दूरंदेशी बजट पेश किया है, जिसमें बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स विकास पर उचित जोर देने के साथ, डिजिटल अवसरों का लाभ उठाने और एक विश्वास आधारित गवर्नेंस के माध्यम से व्यापार करने में आसानी के साथ पर्याप्त पूंजीगत व्यय को सुनिश्चित करने की पहल की है। जल शक्ति मंत्रालय ने पिछले दो वर्षों में बजटीय आवंटन में तेज वृद्धि देखी है। 2022-23 के केंद्रीय बजट में मंत्रालय के लिए कुल नियोजित खर्च 79,000 करोड़ रुपये है, जिसमें से लगभग तीन-चौथाई को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को आवंटित किया गया है। 

बजट में घोषित नदी-जोड़ने वाली परियोजनाओं से स्पाइरल पाइपों की मांग और बढ़ेगी। कंपनी विभिन्न व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रीमियमकरण, मजबूत बैलेंस शीट, लागत अनुकूलन पहल और विविध मूल्य-प्रस्ताव के माध्यम से आंतरिक रूप से कई विकास के कारकों को देख रही है। इसे पीएलआई, आर्थिक गतिविधियों में तेजी और 3एलपीई और जीआई पाइप में देश के बढ़ते निर्यात जैसे बाहरी कारकों का भी समर्थन प्राप्त है। सूर्या रोशनी के प्रबंध निदेशक विनय सूर्या ने कहा, "शुरुआत में, मैं अपने चेयरमैन और निदेशक मंडल का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे यह जिम्मेदारी दी। मैं श्री राजू बिस्ता के साथ संयुक्त जिम्मेदारी साझा करूंगा और सफलता की अधिक से अधिक ऊंचाइयों की उपलब्धि के लिए चेयरमैन के नेतृत्व में समन्वय में मिलकर काम करूंगा। हमारा ध्यान सभी हितधारकों के लिए अधिक महत्‍व बनाने पर होगा।

इतने वर्षों में, कंपनी ने स्टील पाइप व्यवसाय में मूल्य वर्द्धित उत्पादों में बाजार नेतृत्व के माध्यम से एक जगह बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। रणनीति ने कंपनी के लिए अच्छा काम किया है। आज सूर्या रोशनी 3एलपीई कोटेड एपीआई पाइप्स और जीआई पाइप्स के लिए अग्रणी कंपनी के रूप में उभरी है और निर्यात बाजारों में अग्रणी स्थिति में है। वित्त वर्ष 22 की तीसरी तिमाही के दौरान कंपनी ने 29% की स्वस्थ राजस्व वृद्धि देखी, जो मुख्य रूप से मूल्य वर्धित उत्पादों और उच्च स्टील की कीमतों में मजबूत मात्रा में वृद्धि से प्रेरित थी। हालांकि, विशेष रूप से तिमाही के अंत के दौरान चैनल स्तर की इन्वेंट्री पर स्टॉक को कम किए जाने ने समग्र वॉल्यूम वृद्धि को प्रभावित किया। स्टील की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण अनुमानित मात्रा से कम वृद्धि के प्रभाव ने कुछ हद तक मुनाफे की स्थिति को प्रभावित किया था। निर्यात के लिए मजबूत ऑर्डरबुक, एपीआई कोटेड पाइप और स्पाइरल पाइप से आने वाली तिमाहियों में विकास को गति मिलने की उम्मीद है। इसे आगे ग्वालियर में डायरेक्ट फॉर्मिंग टेक्नोलॉजी (डीएफटी) के साथ बड़े व्यास वाले सेक्शन पाइप संयंत्र के चालू होने से समर्थन मिलेगा। वित्तीय विवेक, पूरे संगठन में पेशेवर प्रबंधन, एक स्वस्थ बैलेंस शीट के साथ कार्यशील पूंजी अनुकूलन के परिणामस्वरूप मजबूत नकद संग्रह और समझदारी से भरे खरीद निर्णय हुए हैं। कंपनी अपने दीर्घकालिक दृष्टिकोण को प्राप्त करने के लिए सही रा‍ह पर है।

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