2022 में फिनटेक के क्षेत्र में होने वाले प्रमुख बदलाव : नारायण गंगाधर

शब्दवाणी समाचार, बुधवार 22 फरवरी  2022, नई दिल्ली। फिनटेक (फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी) ने भुगतान को देखने और उसे इस्तेमाल करने के तरीकों में व्यापक बदलाव किया है। फिनटेक का मतलब है वित्तीय सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए तकनीक और नवाचार का प्रभावी इस्तेमाल करना। भारत में, इस उद्योग का मूल्य वर्तमान में 50-60 बिलियन डॉलर के बीच है, जिसके 2025 तक 150 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि, यह अभी बस शुरुआत है, क्योंकि फिनटेक के आगे विकसित होने की व्यापक संभावनाएं हैं। इसने लेन-देन, भुगतान, बचत, निवेश और बीमा को काफी आसान बना दिया है। यहां 2022 में फिनटेक के क्षेत्र में हलचल मचाने वाले कुछ शीर्ष बदलावों के बारे में बताया जा रहा है, जिन पर सबकी नजर रहेगी:

डिजिटल ऑन्‍ली बैं‍क्‍स :

कई विकासशील देशों के लिए बैंकिंग को अंतिम मुकाम तक पहुंचाना एक मुश्किल काम साबित हुआ है। इसके लिए स्मार्टफोन और डिजिटल लेनदेन को धन्यवाद दिया जाना चाहिए कि अब बैंकिंग लेनदेन के लिए किसी शाखा में जाने की जरूरत नहीं होती है। विंडोलेस बैंकिंग लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यहां तक कि केवाईसी जैसी परिष्कृत प्रक्रियाएं और खाता खोलने, लेनदेन, नकद हस्तांतरण और यूटिलिटी (उपयोगिता) बिल भुगतान सहित गतिविधियों को अब वीडियो के माध्यम से डिजिटली पूरा किया जा सकता है।

वैश्विक वित्त में ब्लॉकचेन :

अपनी गति, वैश्विक पहुंच और कम प्रोसेसिंग शुल्क के कारण ब्लॉकचेन वैश्विक स्तर पर वित्तीय लेनदेन के चेहरे को पूरी तरह से बदलने की राह पर है। ब्लॉकचेन, एक वितरित खाता तकनीक है, जिसका वित्तीय सेवा कंपनियों द्वारा तेजी से इस्तेमाल किया जा रहा है। वित्तीय सेवा कंपनियां अब ब्लॉकचेन-आधारित लेनदेन का उपयोग कर सीमा पार पैसे भेजने और धन हस्तांतरण की लागत को कम कर सकती हैं। ब्लॉकचेन यह सुनिश्चित करना भी संभव बनाता है कि रिकॉर्ड से छेड़छाड़ नहीं की जाती है और इस वजह से यह वित्तीय अनुपालन, सिक्योरिटी ट्रेडिंग (प्रतिभूति व्यापार) आदि के लिए उपयोगी हो जाता है। यह डिजिटल मुद्राओं के आधार पर एक लेनदेन तंत्र को भी सक्षम बनाता है, जो लेनदेन लागत, नकद प्रबंधन और अन्य लागतों को कम करते हुए अत्यधिक सुरक्षित भुगतान का तरीका प्रदान करता है।

डेटा से संचालित माइक्रो लेडिंग (सूक्ष्म उधारी) :

आज के समय में डेटा-संचालित माइक्रोफाइनेंस आकर्षण का केंद्र बिंदु है। फिनटेक व्यवसाय अब एप्स के माध्यम से ग्राहकों के व्यवहार और खर्च करने के तरीकों का आकलन कर सकते हैं। इन ग्राहकों तक पहुंचने के लिए उन्हें बैंक स्टेटमेंट या क्रेडिट स्कोर की भी आवश्यकता नहीं हो सकती है, जिनमें से कई क्रेडिट से अपरिचित भी होते हैं। यह वह जगह है जहां स्मार्टफोन इंटरफेस, आकर्षक ग्राहक अनुभव और डेटा विश्लेषण फिनटेक व्यवसायों को सफलतापूर्वक संचालन में सहयोग देता है और देश के सबसे दूरस्थ क्षेत्रों में सूक्ष्म कर्जों को डिजिटल रूप से स्थानांतरित करने में मदद करते हैं।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्‍ता) :

बैंक अब और आगे जाने के लिए अपनी एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) समाधान योजनाओं को बेहतर बना रहे हैं। इससे वित्‍तीय सेवाओं  में एआई के इस्तेमाल में तेजी आएगी। हालांकि, इस दृष्टिकोण तक पहुंचना आसान नहीं है। दुनिया के बाकी कारोबारों की तरह, बैंकों को एआई विशेषज्ञों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। मानव संसाधन की मौजूदा प्रवृत्ति बताती है कि एआई विशेषज्ञों की संख्या विश्वव्यापी श्रम की जरूरतों के मुकाबले बेहद न्यूनतम है। वित्तीय धोखाधड़ी की चिंताओं सहित साइबर अपराध के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए एआई आदर्श रूप से तैनात है, क्योंकि इसके पास अव्यवस्थित डेटा के साथ काम करने की क्षमता है। एआई पहले से ही चैटबॉट्स और अन्य स्मार्ट सिस्टम के साथ शीर्ष ग्राहक सेवा सॉफ्टवेयर के साथ काफी सफल है। ऐसे में तीव्र लेनदेन और ग्राहकों की उम्मीद के मुताबिक आसान सेवा मुहैया कराए जाने के मामले वित्तीय संस्थान कोई अपवाद नहीं होंगे।

सीबीडीसी वित्तीय समावेशन के लिए काफी लोकप्रिय हो रहे हैं और ये भुगतान को अधिक सुलभ बना रहे हैं दुनिया भर के केंद्रीय बैंक केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राओं को शुरू करने पर विचार करने के लिए उत्सुक हैं क्योंकि डिजिटल भुगतान के तरीके और बुनियादी ढांचा काफी ठोस रूप ले चुका है। सीबीडीसी बैंकों को डिजिटल भुगतान में सुधार करने और अंतिम व्यक्ति तक भुगतान को अधिक सुविधाजनक बनाने में मदद कर सकता है। यह अन्य बातों के अलावा, मुद्राओं के उत्पादन, फिजिकल करेंसी को बनाए रखने और नकली नोटों की निगरानी और ट्रैकिंग पर खर्च की गई लागत, प्रयास और समय को कम करने में केंद्रीय बैंकों की सहायता कर सकता है। डिजिटल मुद्राओं का फायदा यह है कि वे हमेशा उपलब्ध रहती हैं, अर्थात जब भी किसी उपभोक्ता को उनकी आवश्यकता होती है। यह उन बिचौलियों को भी खत्म कर सकता है, जो नकद लेनदेन को संभालते हैं। साथ ही यह पैसा भेजने के मामले में लागत में कटौती करते हुए धन हस्तांतरण और रेमिटेंस (भेजी हुई रकम) से जुड़ी आपराधिक गतिविधि को भी रोकते हैं।

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