बागपत के बाबा शाहमल की मौत का सच आया सामने

◆ मुठभेड में अंग्रेज अधिकारी ए टोनोकी ने काटा था बागपत के महान क्रांतिकारी बाबा शाहमल का सिर

◆ प्रसिद्ध इतिहासकार कृष्णकांत शर्मा ने कहा कि इतिहास सबके सामने सही रूप में आना चाहिये, इतिहास के साथ छेड़छाड़ नही होनी चाहिए

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 3 फरवरी  2022, (विवेक जैन) बागपत। देश के प्रसिद्ध इतिहासकारों में शुमार डाक्टर कृष्णकांत शर्मा ने बागपत से जुड़े देश के महान क्रांतिकारी बाबा शाहमल की मौत के बारे में चलाई जा रही गलत अफवाहो पर चिंता व्यक्त की और उनकी मौत से जुड़े सच को साझा करते हुए बताया कि बागपत के क्रांतिकारी बाबा शाहमल की बड़का के जंगल में अंग्रेजी सेना के साथ हुई एक मुठभेड़ में अंग्रेज सेना के अधिकारी ए टोनोकी द्वारा उनका सिर काटा गया था। बताया कि ऐतिहासिक दस्तावेज नेरेटिव ऑफ इवेंटस ऑफ मेरठ इन 1857-58 नम्बर 406 ऑफ 1857 में यह साफ तौर पर लिखा है कि बड़का के जंगल में हुई मुठभेड़ में अंग्रेज अधिकारी ए टोनोकी द्वारा बाबा शाहमल का सिर काटा गया। 

कहा कि इतिहास सबके सामने सही रूप में आना चाहिये, उसके साथ छेड़छाड़ नही होनी चाहिए। प्रसिद्ध इतिहासकार डॉक्टर केके शर्मा ने बताया कि अंग्रेजी साम्राज्य के विरूद्ध 1857 की क्रांति में बाबा शाहमल के कुशल नेतृत्व में क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी सत्ता को इस क्षेत्र से समाप्त कर दिया था और अंग्रेजी साम्राज्य को हिला कर रख दिया था। बाबा शाहमल का साथ हिन्दू और मुस्लिम सभी धर्मो से जुड़े लोगों ने दिल से दिया। अंग्रेजों के खिलाफ इस आजादी की जंग में हर धर्मो के लोगों ने देश के लिए अनगिनत कुर्बानियां दी। कहा कि आज के दौर में हर देशवासी साक्षर है, पढ़ा-लिखा है। किसी के बहकावे में आकर गलत बातों का अनुसरण ना करें और सही बातों को देश के लोगो तक पहुॅचाने का प्रयास करें, यह भी एक प्रकार से देश की सेवा ही है। कहा कि बाबा शाहमल इस संपूर्ण क्षेत्र में 1857 की क्रांति के एक महान नायक है, उनके वे उनका साथ देने वाले लोगों के योगदान को कभी भी भुलाया नही जा सकेगा। कहा कि सभी देशवासी मिलजुलकर रहे और देश की उन्नति और खुशहाली के लिए कार्य करें।

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