सेवा सदन द्वारा कोटगांव जीटी रोड पर निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन

 

शब्दवाणी समाचार, बुधवार 9 फरवरी  2022गाजियाबाद। सेवा सदन द्वारा कोटगांव जीटी रोड पर निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें आधुनिक कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर द्वारा संपूर्ण शारीरिक जांच कर वृद्धि एवं कमी का पता लगा आयुर्वेदिक उपचार माध्यम से स्वस्थ जीवन के गुण बताए गए। इसी के साथ ही सेवा सदन में खीर बनाकर हनुमान जी को भोग लगा प्रसाद स्वरूप शिविर में वितरित की गई। सेवा सदन के महामंत्री चौधरी मंगल सिंह जी ने बताया कि नियमित संयमित तपपूर्ण श्रमसाध्य, सदुददेद्श्यपूर्ण जीवन चर्या और चेहरे की सतत  मुस्कान पाने का रहस्य प्राचीन ऋषि-मुनियों द्वारा प्रतिपादित उपशास्त्र आयुर्वेद में छिपा है। जिसको अपना कर हम एक सुंदर और स्वस्थ जीवन पा सकते हैं परंतु आजकल पाश्चात्य सभ्यता और आधुनिकीकरण ने जनता को स्वास्थ्य के प्रति निश्चेष्ट सा बना दिया है। अतः इस भाग दौड़ भरी दिनचर्या एवं अति व्यस्त जीवनशैली में मनुष्य अपने स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह सा हो गया है। और अनायास ही सिर दर्द, थकान,अनिद्रा,माइग्रेन जैसी बीमारियों से ग्रस्त हो जाता है। जब मनुष्य के सिर के आधे भाग में दर्द हो तो उसे माइग्रेन कहते हैं आज हम आपको इसी माइग्रेन के दर्द के कारण एवं लक्षण एवं  इलाज हेतु कुछ घरेलू उपाय बताएंगे।

 माइग्रेन दर्द के कारण :

 हाई ब्लड प्रेशर, ज्यादा तनाव लेना, नींद पूरी ना होना,मौसम में बदलाव, अधिक दर्द निवारक दवाओं का सेवन इत्यादि।

 माइग्रेन के लक्षण:

 आंखों में दर्द होना या धुंधला दिखाई देना

 पूरे या आधे सिर में तेज दर्द होना।

 तेज आवाज और अधिक रोशनी से घबराहट होना।

 उल्टी आना जी मिचलाना और किसी भी काम में मन ना लगना।

 भूख कम लगना, पसीना अधिक आना और कमजोरी महसूस होना।

 माइग्रेन के इलाज हेतु घरेलू नुस्खे :-

1. हर रोज दिन में दो बार गाय के घी की दो-दो बूंद नाक में डालें, इससे माइग्रेन में आराम मिलता है।

2. सुबह खाली पेट सेब खाएं। माइग्रेन से छुटकारा पाने में यह उपाय काफी असरदार है।

3. थोड़ा सा कपूर गाय के घी में मिलाकर सिर पर  हल्की-हल्की मालिश करने से सिर दर्द में आराम मिलता है।

4. नींबू के छिलके पीसकर पेस्ट बनाकर माथे पर लगाएं इससे भी माइग्रेन की समस्या से निजात मिलती है।

5. माइग्रेन की बीमारी में पानी ज्यादा पिएं।

 इस प्रकार हम उपरोक्त कुछ घरेलू उपायों को अपनाकर अपनी इस माइग्रेन की समस्या से काफी हद तक निजात पा सकते हैं परंतु फिर भी यदि स्थिति अनुकूल ना हो तो हम आयुर्वेद प्रणाली के अंतर्गत संयम, नियम परहेज, व्यवस्थित दिनचर्या,व्यायाम को अपनाकर, एवं  आयुर्वेदिक औषधि का सेवन कर स्थिति पर नियंत्रण पा सकते हैं। इसी दिशा में सेवा सदन द्वारा निर्मित आयुर्वेदिक औषधि एक बेहद कारगर एवं प्रभावी औषध है। जो घबराहट स्ट्रेस को कम करके आंखों की रोशनी को भी बढ़ाता है सीने में जकड़न सांस की तकलीफ में भी मदद करता है। इसी के साथ साथ यह कोरोना के खिलाफ लड़ने में बेहद कारगर है। 

इसके सेवन से किसी भी तरह के वायरल फीवर स्वाइन फ्लू से बचाव करता है इसी प्रकार सेवा सदन द्वारा निर्मित अन्य उत्पाद अमृतत्रिफला चूर्ण, मधुमेह नाशक चूर्ण, अमृत गैस हर चूर्ण, अमृत पथरी नाशक चूर्ण, अपने अपने गुणों के आधार पर प्रमाणिकता प्राप्त कर अनेकों को स्वस्थ जीवन प्रदान कर स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं इस अवसर पर सेवा सदन कार्यकारिणी के सदस्य विजय अन्थोनी ने भी शिविर में उपस्थित हो खीर वितरण में भाग लिया और सेवा सदन द्वारा   भिन्न-भिन्न प्रकार से की जा रही सेवा क्षेत्र की उपलब्धियों से अवगत कराया। और उन्होंने शिविर में उपस्थित सभी व्यक्तियों अनिल कुमार, सुभाष चावला, सुभाष चंद्र, सूरज यादव को गिलोय अमृत भेंट स्वरूप प्रदान किये।

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