एनआईआरडीपीआर ने सरस मेले में ग्रामीण उत्पादों को ईमार्केटिंग से प्रमोट करने के सिखाए गुर

◆ कर्नाटक, महाराष्ट्र, केरल और पश्चिम बंगाल के उत्पादों पर उमड़े खरीदार

https://youtu.be/ohpI5VVXojk  शब्दवाणी समाचार, सोमवार 7 मार्च 2022, (ऐ के लाल) गौतम बुध नगर। नोएडा सेक्टर 33ए नोएडा हाट में सरस मेले के दौरान सोमवार को एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित मेले में राष्ट्रीय ग्राम विकास एवं पंचायती राज संस्थान ने सभी राज्यों के स्वयं सहायता समूह के उत्पादों को ई मार्केटिंग तथा सोशल मीडिया के जरिए प्रमोट करने के तरीके बताए। यहां रश्मि परमार ने सभी को फोन पे, गूगल पे, तथा पेटीएम से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने सभी को फेसबुक, इंस्टाग्राम तथा अमेजॉन सहेली की भी जानकारी दी। कार्यशाला का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर रुचिरा भट्टाचार्य ने किया। इस अवसर पर संस्थान के सहायक निदेशक चिरंजीलाल कटारिया, शोध अधिकारी सुधीर कुमार सिंह, धर्मेंद्र सिंह, रामगोपाल तथा सुरेश प्रसाद आदि उपस्थित रहे। कार्यशाला में 78 सहायता समूहों ने भाग लिया।

सरस मेले के दसवें दिन कर्नाटक, महाराष्ट,ª केरल तथा पश्चिम बंगाल के उत्पादों की जमकर खरीदारी हुई। कर्नाटक में विजयनगर की शारदा बाई द्वारा संचालित श्री सेवालाल स्वयं सहायता समूह के उत्पाद नोएडा वासियों को खूब पसंद आ रहे हैं। जिनमें लंबानियां ड्रेस हाथ की बनी हैंड पर्स, बैग तथा काटन व लेदर के पर्स शामिल है। सुकन्या द्वारा संचालित श्री शारदा देवी स्वयं सहायता समूह के उत्पादों में वुडन टॉयज तथा हैंड वर्क शामिल है। श्रीराम आत्मा स्वयं सहायता समूह ने यहां हेयर ऑयल, कॉपर ब्रास, हैंड बैंड, पीनट कोकोनट तथा मस्टर्ड ऑयल को मेले में उतारा है। रामनगर की स्वाति शालिनी ने महालक्ष्मी सरस्वती स्वयं सहायता समूह के माध्यम से हर्बल हेयर प्रोडक्ट्स को मेले में उतारा है। इनके उत्पादों में हैंडीक्राफ्ट ब्रेसलेट, रिंग, कड़े माइग्रेन ऑयल, जंगली लहसुन तथा अदरक से बना बॉडी पैन आयल शामिल है।

महाराष्ट्र के कोल्हापुर से शीतल सागर महालक्ष्मी स्वयं सहायता समूह का संचालन करती है। इनके उत्पादों में कोल्हापुरी लेदर चप्पल शामिल हैं। कोल्हापुर से ही माधुरी सतपुति के अदिति महिला स्वयं सहायता समूह के उत्पादों में लेदर की बेल्ट तथा बैग शामिल हैं। अहमदनगर के क्रांतिज्योति स्वयं सहायता समूह ने स्पेशल जम्बो बांगड़ी पेड़ा, कंदी पेड़ा, सटाणा तथा चांदवड पेडा़ बाजार में उतारे हैं। समूह का संचालन अर्चना संदीप करती हैं। माय महिला स्वयं सहायता समूह के उत्पादों में गाय का शुद्ध देसी घी तथा अचार शामिल है। सुनीता बारी द्वारा संचालित जय संतोषी माता स्वयं सहायता समूह के उत्पादों में बनाना चिप्स, रागी के पापड़, लहसुन पापड़ तथा बिना बीज का मुनक्का शामिल है। 

नागपुर के श्री छत्रपति महाराज स्वयं सहायता समूह ने ज्वेलरी तथा अगरबत्ती को बाजार में उतारा है। पश्चिम बंगाल की नमिता विश्वास ने प्रतिभा स्वयं सहायता समूह के माध्यम से सैल और जूट के आइटम को मेले में सजाया है। नोदिया जिले की रिंकी चक्रवर्ती नें प्रजापति स्वयं सहायता समूह का स्टॉल लगाया है। इनके उत्पादों में हेमस धड़ल साडि़यां शामिल हैै। कोलकाता के टिस्टा स्वयं सहायता समूह के उत्पादों में जूट का कोल्हापुरी जूता तथा मेट उपलब्ध है। जबकि कुश का जूता तथा कथा स्टीज साड़ी, दुपट्टा भी उपलब्ध है। बिलासपुर की वीना मलिक का स्वर्ण जयंती महिला दल स्वयं सहायता समूह ने खुशबूदार तुलेपणजी राइस को मेले में उतारा है जो स्वादिष्ट तथा पौष्टिक है। 

केरल के त्रिशूर से हरिदा स्वयं सहायता समूह के हर्बल उत्पाद उपलब्ध हैं। वायनाड की फसीला के सह्रदया स्वयं सहायता समूह के उत्पादों में शहद, अचार, मसाले तथा चावल के लड्डू शामिल हैं। सुधरमा के दर्शना स्वयं सहायता समूह के उत्पादों में केरला स्पाइस तथा इडुक्की स्पाइस उपलब्ध है। मल्लीपुरम की मंजुला स्प्रिंग स्वयं सहायता समूह का संचालन करती है। इनके उत्पादों में कोकोनट चिप्स तथा कोकोनट मिल्क शामिल है। पालेगढ़ की सुप्रिया तनम्या स्वयं सहायता समूह का संचालन करती हैं। इनके उत्पादों में जैक फूड प्रोडक्ट शामिल है। जिनमें बनाना, हलवा, केले के चिप्स तथा कटहल का हलवा उपलब्ध है।

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