कैपजेमिनी ने अनूठे एनर्जी कमांड सेंटर के माध्यम से अपना सस्टेनेबिलिटी कोशिएंट बढ़ाया

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 14 अप्रैल 2022, नई दिल्ली। कैपजेमिनी ने एक अनूठा एनर्जी कमांड सेंटर (ईसीसी) लॉन्च किया है। यह कैपजेमिनी की ओर से ऐसी पहली वैश्विक पहल है, जो अपने एनर्जी एसेट्स के निष्पादन की निगरानी और प्रबंधन करने हेतु डेटा-संचालित दृष्टिकोण व डिजिटलाइजेशन से काम लेती है तथा भारत स्थित अपने परिसरों में संचालित पहलों का हाथ बंटाती है। ईसीसी इनडोर हवा की गुणवत्ता, एनर्जी की तीव्रता, जल की तीव्रता, महत्वपूर्ण एसेट्स की सेहत, बेहद जरूरी ऑपरेशन, अक्षय ऊर्जा का उत्पादन और एनर्जी के तमाम एसेट्स का समग्र प्रदर्शन जैसे विभिन्न मीट्रिक्स को मापेगा और उनकी भविष्यवाणी करेगा। इसके अतिरिक्त, ईसीसी कैपजेमिनी के सभी परिसरों में भवन एनर्जी और एसेट प्रदर्शन की निगरानी करेगा और इसे बेहतर बनाएगा, साथ ही यह स्थिति-आधारित मेंटेनेंस की भविष्यवाणी भी करेगा।

ईसीसी कैपजेमिनी को उसके सभी परिसरों में एनर्जी का इस्तेमाल करने वाले एसेट्स की देखरेख में मदद करने के साथ-साथ विभिन्न एसेट्स की निगरानी करते हुए उसके कर्मचारियों का सुकून बढ़ाएगा। ईसीसी कर्मचारियों के लिए इनडोर हवा की गुणवत्ता में सुधार करने, परिचालन की लागत घटाने, ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के साथ-साथ आईओटी आधारित सेंसरों और नियंत्रकों के माध्यम से डिजिटलीकरण के द्वारा उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगा। कैपजेमिनी में इसके कर्मचारियों को प्रतिदिन एक समावेशी और टिकाऊ भविष्य बनाने हेतु प्रौद्योगिकी के जरिए मानव ऊर्जा मुक्त करने के उद्देश्य से निर्देशित किया जाता है। भारत में ईसीसी 'समावेशी और टिकाऊ भविष्य' हासिल करने की दिशा में बढ़ाया गया एक कदम है।

ईसीसी कैपजेमिनी को अपनी सस्टेनेबिलिटी; विशेष रूप से उसका रियल एस्टेट संचालन, बढ़ाने में सक्षम बनाएगा और अच्छी-खासी डेटा सेंटर पावर यूसेज इफेक्टिवनेस (पीयूई) कायम रखने में मदद करेगा। पीयूई इस इंडस्ट्री में किसी डेटा सेंटर की ऊर्जा कुशलता मापने का एक मानक पैमाना है। ईसीसी परिचालन के साथ-साथ भौगोलिक दृष्टि से भी स्केलेबल है। डिजिटलीकरण और भविष्य के ऊर्जा समाधानों के लिए आईओटी का इस्तेमाल तथा अभूतपूर्व ऊर्जा आपूर्ति का अनुकूलन कैपजेमिनी को अपने सस्टेनेबिलिटी लक्ष्य हासिल करने में बड़ा योगदान देता है।

ईसीसी ऊर्जा आपूर्ति और मांग के बीच का संतुलन कायम रखने और इसे प्रबंधित करने में मदद करेगा, जिससे कैपजेमिनी के भारत में स्थित परिसरों के अंदर ऊर्जा की स्थिर खपत सुनिश्चित होगी। यह कमांड सेंटर कैपजेमिनी की इमारतों और एसेट्स का खुद आगे बढ़कर प्रबंधन करेगा तथा एसेट के मामूली से मामूली फॉल्ट का भी तुरंत पता लगा लिया जाएगा और समय पर उसे दुरुस्त कर दिया जाएगा। इसके अलावा, ईसीसी प्रारंभिक चरण में ही परिचालन संबंधी गड़बड़ियों का निदान और उपचार करने के लिए बेमिसाल एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके उपकरण के प्रदर्शन में भारी सुधार करेगा। 

ईसीसी की बदौलत एनर्जी के इस्तेमाल में होने वाली अनुमानित कमी 20% है, जो प्रति वर्ष 3500 टन CO2e के बराबर है। कैपजेमिनी ने पहले ही अपने सस्टेनेबिलिटी लक्ष्य निर्धारित कर रखे हैं और 2025 तक कार्बन न्यूट्रल बनने के साथ-साथ 2030 तक अपनी समूची आपूर्ति श्रृंखला में कार्बन तटस्थता हासिल करने और 2050 से पहले नेट जीरो बिजनेस बनने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने 2030 तक अपने ग्राहकों की 10 मिलियन टन CO2 बचाने में मदद करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी तय कर रखा है।

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