दलित शोषण मुक्ति मंच, सीटू, सीपीआईएम कार्यकर्ताओं ने धूमधाम से मनाई अंबेडकर जयंती

शब्दवाणी समाचार, शुक्रवार 15 अप्रैल 2022, गौतम बुध नगर। आधुनिक भारत के निर्माता भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 131 वी जयंती नोएडा दलित शोषण मुक्ति मंच, सीटू, जनवादी महिला समिति के कार्यकर्ताओ ने बांस बल्ली मार्केट सेक्टर- 8, नोएडा पर धूमधाम के साथ मनाई। इस अवसर पर दलित शोषण मुक्ति मंच के नेता भरत डेंजर, धर्मेंद्र गौतम, हरकिशन सिंह, दुर्गाराम, सीटू नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा, रामस्वारथ, माकपा जिला सचिव मदन प्रसाद, जनवादी महिला समिति की नेता चन्दा बेगम, मुख्य वक्ता आरडब्ल्यूए सैक्टर-19, नोएडा के अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण आदि ने बाबा साहब के देश और समाज को दिए गए योगदान को


याद करते हुए उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर अपने विचार रखते हुए कहा कि बाबा साहब जाति और वर्ण व्यवस्था रूपी समाज का विनाश कर जाति विहीन समाज की स्थापना कर लोकतंत्र के सहारे वंचित समाज को उनका वाजिब हक दिलाना चाहते थे सदियों की सामाजिक और आर्थिक दास्तां को समाप्त करने का मजबूत प्रावधान भारतीय संविधान में उन्होंने किया। लेकिन आज प्रतिक्रियावादी ताकतें संविधान की आत्मा पर हमला कर रही हैं मजदूर- किसान, गरीब, दलित शोषित आम जनता को संविधान में मिले हक अधिकारों को आज छीना जा रहा है, श्रम कानूनों को उद्योगपतियों के पक्ष में बदला गया है, स्वास्थ्य, शिक्षा के अधिकार को भी आम आदमी से छीना जा रहा है, असहमति और विरोध करने के अधिकारों को कुचल कर लोकतंत्र की हत्या की जा रही है हमें अपने हक अधिकारों और संवैधानिक मूल्यों को बचाने के लिए एकजुट होकर लड़ने की जरूरत है यही बाबा साहब को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

 इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सीटू जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि बाबासाहेब आधुनिक समय के अधिकारों के अग्रदूत थे। उन्होंने वर्ण विरोधी समाज की कामना की और सारी जिंदगी अछूतोद्धार के लिए लगे रहे. उन्होंने अपना अंबेडकरपन कभी नहीं खोया.  वह करोड़ों दलितों के उद्धारक, वर्ण भेद के कट्टर विरोधक, सामाजिक समरसता के प्रबल समर्थक और आधुनिक समय के सर्वश्रेष्ठ क्रांतिकारी समाज सुधारक बने रहे।

गंंगेश्वर दत शर्मा ने कहा कि डॉक्टर अंबेडकर जन्मजात विद्रोही थे. जन्मजात बगावती थे, उन्होंने गांधी से बगावत की, कांग्रेस से बगावत की, हिंदू समाज से बगावत की और हिंदू धर्म से बगावत की, परंतु उन्होंने कभी भी देश से बगावत नहीं की। वह सामाजिक समता के अग्रदूत थे। इस महामानव को शत शत नमन वंदन अभिनंदन और इस अवसर पर सभी जनपद वासियों को बाबा साहब के जन्मोत्सव की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं व्यक्त किया।

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