महिमा को ओवेरियन सिस्ट होने के बाद भी संभव हुई प्रेगनेंसी

शब्दवाणी समाचार रविवार 24 अप्रैल 2022, नई दिल्ली। महिमा नये जमाने की पढ़ी लिखी शादीशुदा वर्किंग वोमेन है। इनकी शादी को 8 वर्ष बीत चुके थे। परंतु अभी तक महिमा मातृत्व सुख से कोसों दूर थी। क्योंकि शादी के बाद से ही महिमा और उनके पति दोनों बेबी प्लान करने की कोशिश कर रहे थे। परंतु वह उसमें असफल रहें और उन्होंने इसके लिए बहुत सारे डॉक्टर्स को दिखाया भी। जिसमें पता चला की महिला को ओविरयन सिस्ट की समस्या है। जिससे चलते वह माँ बनने में असफल हो रही है। महिमा और उसने पति के लाख कोशिश करने के बाद जब बात न बनी तो उन्होंने आईवीएफ उपचार लेने का निर्णय लिया परंतु आइवीएफ लेने के बाद भी उनको सफलता नही मिली। 

आइवीएफ फेल हो जाने के बाद महिमा और उनके पति हरिश पूरी तरह से टूट चुके थे। क्योकि आइवीएफ की इस असफलता ने उनको अंदर बाहर से झकझोक कर रख दिया था । जिससे वह आर्थिक, मानसिक और शारीरिक रुप से कमजोर हो चुके थे। इसलिए वह अब बिना संतान के रहने का फैसला ले लिया था। परंतु कुछ दिन बीतने के बाद महिमा के मन में एक आश जगी । कि एक बार हम लोग नेचुरल ट्रीटमेंट तो ट्राई तो कर ही सकते है। क्योंकि मैंने सुना है प्राकृतिक उपचार में किसी प्रकार का साइड इफैक्ट नही होता है और उसमें लागत भी कम लगती है।

दोनो पति और पत्नी लेटे-लेटे ऐसी ही आपस में चर्चा कर रहे थे। तभी हरीश ने मोबाइल उठाया और Ovarian cyst Natural  treatment सर्च किया । जिसमें उन्हें आशा आयुर्वेदा फर्टिलिटी सेंटर दिखा। जिसमें उन्होंने ओवेरियन सिस्ट के बहुत सारे वीडियो यूट्यूब में देखे और डॉ चंचल शर्मा के उपचार को देखा तो उनके हृदय में एक ऐसी आशा की किरण जगी। और उनको लगा कि यदि एक बार आशा आयुर्वेदा में ट्राई करके देख लेते है। क्योंकि यह एक अंतिम विकल्प है। तब दोनों ने आशा आयुर्वेदा में संपर्क कर डॉ चंचल शर्मा से मिलने के लिए दिनांक और समय तय किया। आशा में आने के बाद डॉ चंचल शर्मा (आयुर्वेदिक निःसंतानता विशेषज्ञ)  से मिलकर अपनी सारी बातें सांझा की। और अपनी पुरानी रिपोर्ट दिखाई। जिसमें उनको ओवेरियन सिस्ट की समस्या थी । जो माँ बनने में बाधा खडी कर रही थी।

डॉ चंचल शर्मा के परामर्श के अनुसार उन्होने 3 महीने का आयुर्वेदिक ओवेरियन सिस्ट का कोर्स शुरु कर दिया। जिसमें कुछ पंचकर्म थेरेपी, आयुर्वेदिक रसायन, आयुर्वेदिक औषधियां इत्यादि शामिल थी। महिमा की ओवेरियन सिस्ट का उपचार दो महीने चला और जब रिपोर्ट निकलाई तो महिमा की ओवरी में जो सिस्ट बनती थी । वह पूरी तरह से रिजॉल्व हो चुकी थी। और उनको एक महीने के प्रेगनेंसी भी कंसीव हो चुकी थी। अब महिमा और उनके पति की खुशी का ठिकाना नही रहा । वह दोनों आशा आयुर्वेदा की टीम और डॉ चंचल शर्मा को धन्यवाद कह । खुद एक ऐसी खुशी को महसूस कर रहे थे। जिसका इंतजार वह वर्षों से कर रहे थे। और वह जिस खुशी के हकदार थे , आशा आयुर्वेदा उसे दिलाने में उनकी पूरी मदद की। 

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