बाल योग एवं संस्कार शिविर का छटा दिन

◆ पानी प्यास का मोहताज नहीं शरीर को स्वस्थ रखने हेतु है आवश्यकता : प्रवीण आर्य

◆ प्राणायाम को मन लगाकर भरना,होल्ड करना,छोड़ना, नाड़ी शोधन कहलाता है : मनमोहन वोहरा

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 30 जून 2022, ग़ाज़ियाबाद। अखिल भारतीय ध्यान योग संस्थान रजि. के तत्वावधान में सिटी पार्क,स्वर्ण जयंती पुरम में आयोजित बाल योग एवं संस्कार शिविर के छ्टे दिन संस्थान के अध्यक्ष केके अरोड़ा जी ने ओ३म् की ध्वनि और गायत्री मंत्र से सत्र को प्रारम्भ किया।उन्होंने आज मंच का कुशल संचालन भी किया।

संस्थान के महामंत्री श्री डीएन शर्मा जी ने बच्चों को त्रिकोणासन वृक्षासन करवा कर सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया और लाभों की चर्चा की। विशेष आमंत्रित समाज सेवी श्री प्रवीण आर्य ने शिविरार्थियों को पानी,फाइबर के लाभ,मात्रा,ओर प्राप्ति के स्रोत पर उद्बोधन प्रदान करते हुए बताया कि एक सामान्य व्यक्ति को एक दिन में प्रत्येक 20 किग्रा वजन पर 1 लीटर पानी पीना चाहिए,यानी 40 पर 2 लीटर,80 किग्रा पर 4 लीटर।पानी प्यास का मोहताज नहीं है यह शरीर को स्वस्थ रखने हेतु आवश्यकता है।कम पानी पीने की वजह से एसिडिटी,घुटने में कमर में दर्द की शिकायत रहती है।पानी शरीर में ट्रांसपोर्ट का कार्य करता है।उन्होंने बताया कि हमारे शरीर में 60 से 70% पानी है जिसमें 23% हड्डियों के बीच चलता है और सबसे ज्यादा 90% आंखों में है थोडे से दुःख सुख में आंखों से छलक जाता है।फाइबर हमारी नसों को क्लीन करता है यह हमें कच्ची सब्जियों और फलों से प्राप्त होता है।घुलनशील फाइबर और अघुलनशील फाइबर दोनों की हमारी बॉडी को आवश्यकता है,अतः सेब खीरे आदि को छिलकों सहित खाना चाहिए। उन्होंने एक गीत,'जिस घर में एक दूजे की बात जाए मानी,उस घर कभी ना आए कोई भी परेशानी' सुनाकर भावविभोर कर दिया।

वरिष्ठ योग शिक्षिका वीना वोहरा ने योग मुद्रा का अभ्यास कराया। अशील कुमार और वीना वोहरा ने सुन्दर डेमोस्ट्रेशन किया जिससे बच्चे बहुत अच्छे से अभ्यास कर सके। श्री एमके सेठ (संचार रत्न अल्ट सेन्टर) एवं श्री कृष्णा जी सीबीआई डायरेक्टर ने किसमे कितना है दम का नारा लगवाया और काउंटिंग से तालीवादन, वज्रासन,तितली आसन,उष्ट्रासन, सर्वांगासन,भ्रामरी,डीपब्रिथिंग, ध्यान का अभ्यास करा कर जोश का संचार भर दिया।अभ्यास करके बच्चे बहुत प्रसन्न नजर आ रहे थे। संस्थान के उपाध्यक्ष श्री मनमोहन वोहरा जी ने बच्चों को दो प्राणायाम भ्रामरी और अनुलोम विलोम को मन से काउंटिंग के साथ पूरक,कुंभक और रेचक के साथ करवाया।बोले कि इससे याददाश्त बढ़ती है।प्राणायाम को मन लगाकर भरना,होल्ड करना, छोड़ना,नाड़ी शोधन कहलाता है। सीए केके कोहली जी विभिन्न हास्यासन करवाए और बताया हंसना आज की आवश्यकता है। इस अवसर पर मुख्य रूप से सर्वश्री आरआर पाल,राजा राम, गिरधर जी,त्रिलोक शास्त्री, ओमवीर सिंह,डा ममता त्यागी, महेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे। शिविर संयोजिका सीमा शर्मा ने आगंतुकों के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। प्रदीप त्यागी जी ने शांति पाठ व प्रसाद वितरण के साथ सत्र को सम्पन्न किया।

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