क्लींजिंग थेरेपी पर निःशुल्क सेमिनार का हुआ आयोजन

खाओ पियो मस्त रहो क्लींज करो स्वस्थ रहो : डा पीयूष सक्सेना

अपना इलाज अपने हाथ में : डा यश पाल गुप्ता

क्लींजिंग थेरेपी स्वस्थ राष्ट्र की दिशा में एक सार्थक कदम : केके अरोड़ा

शब्दवाणी समाचार, सोमवार 11 जुलाई 2022गाजियाबाद। रविवार,10 जुलाई, 2022 को अखिल भारतीय ध्यान योग संस्थान द्वारा किलींजिंग थेरेपी व योग द्वारा दवामुक्त जीवन की संकल्पना पर आधारित नि:शुल्क सेमिनार का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर, नेहरू नगर में डॉ पीयूष सक्सेना पी.एच डी.(नेचुरोपैथी) अमेरिका, प्रणेता किलीजिंग थेरेपी,सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिलायंस इंडस्ट्रीज) के सानिध्य में एवं सूत्रधार डॉ. यशपाल गुप्ता विशेषज्ञ किलींजिंग थेरेपी व कोर्डिनेटर उ.भारत) के नेतृत्व में किया गया। सत्र का  शुभारंभ योगी चरत कुमार जी ने ओ३म् की ध्वनि और गायत्री मंत्र से किया।

डा. यशपाल गुप्ता जी ने बताया कि किलींजिंग थेरेपी एक ऐसी विधा है जिससे ह्रदय रोग,जोड़ों का दर्द,लिवर व किडनी सम्बंधित 90% स्वास्थ्य समस्याओं और गंभीर रोगों का 100% इलाज हो जाता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। डा पीयूष सक्सेना ने बताया कि क्लींजिंग थेरेपी की प्रासंगिक विधियों,नुस्खों को स्वयं पर,अपने माता पिता,पत्नी और पुत्र-पुत्री पर आजमाया है और उनके फायदों को जांचा परखा है। उन्होंने आगे कहा कि वे कोई फीस,डोनेशन आदि नहीं लेते और ना ही किसी कंपनी के उत्पादों का प्रचार प्रसार करते हैं।क्लींजिंग थेरेपी के प्रचार प्रसार से जनहित व आत्मसंतुष्टि ही उनका मुख्य ध्येय है।उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह हम टू व्हीलर,फॉर व्हीलर की सर्विस कराते हैं और सर्विस के बाद व्हीकल नए की तरह चलता है उसी सिद्धांथ पर हम शरीर पर कार्य कर रहे हैं।जीवन में यदि हम आंतरिक अंगों को क्लीन करते हैं तो 90% बीमारी से बचे रहते हैं।इससे एनर्जी लेवल बढ़ेगा,नींद अच्छी आएगी,आंखों के नीचे झाइयां चली जाएंगी,हिमोग्लोबिन का लेवल ठीक होगा,कमर दर्द, गुर्दे की पथरी गल कर निकल जाएगी,महिलाओं की  पीसीओएस आदि समस्याएं ठीक होंगी।

संस्थान के अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार अरोड़ा ने डा सक्सेना का परिचय देने के साथ कहा कि क्लींजिंग थेरेपी के जनक डॉ. पीयूष सक्सेना के सान्निध्य में नेचुरोपैथी के कैम्प लगाए जाते हैं जिसमें विभिन्न रोगों से बचाव तथा उपचार की प्रक्रिया में बिना दवाई के हम अपने शरीर को रोगमुक्त कर सकते हैं। इसमें 28 प्रकार के क्लींजिंग आदि की प्रक्रिया द्वारा उपचार किया जाता है।इस थैरेपी के नियमित अभ्यास से धीरे धीरे दवाइयों की निर्भरता कम होती जाती है और शरीर पूरी तरह रोगमुक्त हो जाता है।क्लींजिंग थेरेपी स्वस्थ राष्ट्र की दिशा में एक सार्थक कदम है। मीडिया प्रभारी प्रवीण आर्य ने बताया कि शीघ्र ही संस्थान क्लींजिंग थेरेपी का एक दिन का शिविर डा सक्सेना के सानिध्य में लगाएगा। महामंत्री डीएन शर्मा जी ने दूर दूर से पधारे योग शिक्षकों,साधकों का समय से पहुंचने पर आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से सर्वश्री प्रदीप गुप्ता,व्यवस्थापक शिशु मंदिर,सुभाष गर्ग,मनमोहन वोहरा आदि मौजूद रहे। संस्थान की महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा श्रीमती प्रमिला सिंह, वीना वोहरा एवं सीमा गोयल ने वैदिक प्रार्थना शांतिपाठ से सत्र  को संपन्न किया।

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