51000 परिवारों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मुक्त कराने का किया संकल्प

 

शब्दवाणी समाचार, मंगलवार 23 अगस्त 2022, ( के लाल) गौतम बुध नगर। सेक्टर 92 कम्यूनिटी सेंटर में पर्यावरण संरक्षण गतिविधि नोएडा महानगर के द्वारा आयोजित पर्यावरण संरक्षण विचार गोष्ठी में  पर्यावरण जगत के बड़े बड़े दिग्गजों का जमावड़ा लगा जिनमे पर्यावरणविद  कर्नल नारा ,सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री शारदा चतुर्वेदी,  उपाध्यक्ष फोनरवा  श्री पवन यादव, डॉ विजेंद्र सिंह प्रान्त सह पर्यावरण प्रमुख, पर्यावरण विद मनीष कुमार,  सामाजिक कार्यकर्ता विद्या रावत ,सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री शैल माथुर,  प्रान्त सह पर्यावरण प्रमुख महिपाल सिंह, पर्यावरण नारी शक्ति प्रमुख  अंजलि शर्मा आदि मौजूद रहे, इसी कड़ी में कर्नल नारा ने कहा कि हमे केवल एक या दो प्रकार के पौधे ना लगा कर फलदार , ओषधीय व हर्बल पौधों को छोटे छोटे जंगल के रूप में ऐसे स्थानों पर लगाना चाहिए जो प्रदूषण का उदगम स्थल है जैसे एक्सप्रेस वे, इंडस्ट्रीज आदि के पास, कर्नल नारा ने , वेस्ट मैनेजमेंट पर भी बल दिया,  वहीं पवन यादव जी ने इको ब्रिक , कपड़े के थैले आदि पर जोर दिया और बताया कि किस तरह वे समाज मे जागरूता फैला रहे है।

पवन जी ने बताया कि को उन्हें निर्धारित प्लास्टिक का कचरा या वेस्ट लाकर देता है तो वे बदले में उस व्यक्ति को बर्तनों का सेट देते है, वहीं  नोएडा की सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता सुश्री शारदा चतुर्वेदी ने बताया कि इस कार्य मे महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, क्योंकी महिलाएं धरती की आधी शक्ति है, शारदा चतुर्वेदी ने बताया कि वे हर तबके के लोगो से मिलती है जिनमे श्हर, गांव, झुग्गी, कस्बे आदि में परंतु केवल शहर के आस पास ही कूड़े के पहाड़ मिलते है जबकि गांवों में स्थित अभी भी अच्छी है, उन्होंने प्लास्टिक को इंसानो, जानवरों, पशुओं व प्रकृति के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया।  अलीगढ के प्राचार्य विजेंद्र सिंह ने बताया कि जरूरी नही हमे सभी छेत्रो में महारत हासिल हो, बेशक हम एक कार्य करें जैसे पेड़ लगाना, प्लास्टिक मैनजेमेंट, या जल संरक्षण, जो भी करे उसे तन्मयता से करें, इसी पर उन्होंने कहा कि गांधी जी ने भी आजादी को लक्ष्य बनाया इसलिए हम आज खुली  हवा में सांस ले पा रहे है, गाँधी जी ने स्वच्छता को मिशन बनाया आज उन्ही के पद चिन्हों पर सरकारें स्वच्छता अभियान चला रही हैं, यदि सभी मिलकर कार्य करें तो हम जरूर पर्यावरण को संरक्षित करने में सफल हो पाएंगे।

डॉ विजेन्द्र सिंह ने कहा कि छोटी छोटी बातों की आदत डालनी होगी मसलन, घरो में विद्युत संरक्षण, घरों से जल संरक्षण, घरो से जी कचरा मैनेजमेंट शुरू करेंगे तभी समाज को भी सुधार पाएंगे, विजेन्द्र सिंह ने जल,जमीन, जंगल, जानवर के संतुलन के बारे में भी समझाया वहीं पर्यावरण विद श्री मनीष कुमार जी ने बताया कि वे कैसे कमल के फूल व जल कुमुदिनी से  तालाबों को दिल्ली व नोएडा में विकसित कर रहे है, मनीष कुमार अनेको वर्षो से तालाब बचाओ, तालाब सजाओ जैसे अभियानों से जुड़कर समाज ने नव चेतना को बढ़ा रहे हैं, उन्होंने समझाया कि तालाब विकसित करने के कई फायदे हैं जैसे जमीनी जल का लेवल बढ़ाया जा सकता है, जलीय जीवों को संरक्षित किया जा सकता है, जमीन को ठंडा होने व जलीय पौधों को भी संरक्षित करने में मदद मिलती है।

सुश्री शैल माथुर ने भी पर्यावरण संरक्षण के अनेक सुझाव दिया व प्रक्रति की तरफ वापस लौटने का आवाहन किया इस गोष्ठी में उपस्थित सभी पर्यावरण प्रेमियों ने यह शपथ ली कि नोएडा के 51000 परिवारों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त अभियान के साथ जोड़ेंगे।इसके लिए महानगर की सभी सोसाइटीज में सघन अभियान चलाया जाएगा। पर्यावरण नारी शक्ति की महानगर प्रमुख अंजली शर्मा ने सब का धन्यवाद किया।कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ वेणु संगल ने किया।

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