तीन दिवसीय सिनेमाई समारोह का हुआ भव्य आगाज़

शब्दवाणी समाचार, वीरवार 25 अगस्त 2022, जयपुर। छात्राओं की मनमोहक गणेश वंदना, बच्चों से खचाखच भरा हुआ ऑडिटोरियम, शहर की जानी – मानी शख्सियतों का संवाद और विश्व भर से आई विविध और अनूठी फिल्मों का जादुई संसार। यह दृश्य था आर्यन इंटरनेशनल चिल्ड्रंस फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ जयपुर [आईसीएफएफ] और 16 इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स [16आईएफएफ] के उद्घाटन समारोह का, जहां हमारे नन्हे दर्शकों के लिए तीन दिवसीय सिनेमाई समारोह का भव्य आगाज़ हुआ। जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ट्रस्ट, लार्जेस्ट एण्ड मोस्ट सिक्योर फिल्म लाइब्रेरी और आर्यन रोज फाउंडेशन की ओर से आयोजित फेस्टिवल की ओपनिंग सेरेमनी और अवॉर्ड डिस्ट्रिब्यूशन कार्यक्रम वैशाली नगर स्थित जयश्री पेड़ीवाल स्कूल में आज सुबह 9 बजे आयोजित हुआ। कार्यक्रम में शहर के जाने – माने गणमान्य लोग - मशहूर गायक रवीन्द्र उपाध्याय, स्टेट जीएसटी एडिशनल कमिशनर रामलाल चौधरी, आरपीएस ऑफिसर और लेखक सुनील प्रसाद शर्मा, प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर डॉ. ओ पी चौधरी, जय श्री पेड़ीवाल हाईस्कूल की प्रिंसिपल मधु मैनी, नेशनल अवॉर्ड विनर फिल्म मेकर सीनू रामासामी, फिल्म मेकर नलिनी एल्विनो डिसुज़ा, पोलैंड से स्क्रीन राइटर – क्रिएटिव प्रोड्यूसर मोनिका और डॉक्यूमेंट्री फिल्म मेकर चन्द्रशेखर, जिफ प्रवक्ता तथा वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र बोड़ा, आईनॉक्स के जनरल मैनेजर रह चुके अमिताभ जैन तथा नितिन जैन [जनरल मैनेजर, यू.एफ.ओ. मूवीज़] उपस्थित रहे।

रवीन्द्र उपाध्याय ने गाया - आशा है ज़िन्दगी

जब मशहूर गायक रवीन्द्र उपाध्याय ने मंच पर आशा है ज़िन्दगी गाया, तो ऑडिटोरियम में मौजूद मेहमान झूम उठे। उन्होने बच्चों से अपने ख़ास अंदाज़ में कहा कि वे पढ़ने, खेलने और संगीत सीखने जैसी चीजों को बराबर वक्त दें। जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के फाउंडर हनु रोज़ ने स्कूली विधार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि यह बच्चों का, बच्चों की ओर से और बच्चों के लिए होने वाला फेस्टिवल है। वहीं स्टेट जीएसटी एडिशनल कमिशनर रामलाल चौधरी ने कहा कि इस प्रकार एक साथ फिल्में देखना बच्चों को निस्सन्देह बहुत प्रोत्साहित करेगा। स्कूल प्रिंसिपल मधु मैनी ने इस सुन्दर आयोजन के लिए जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और संस्थापक हनु रोज़ को धन्यवाद दिया। साथ ही उन्होने बच्चों को कहा कि वे ध्यान से फिल्म देखें और बाद में दोस्तों से अपना अनुभव साझा करें।

फिल्मों को दिये गए अवॉर्ड

आर्यन इंटरनेशनल चिल्ड्रंस फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ जयपुर [आईसीएफएफ] में डॉक्यूमेंट्री फीचर कैटेगरी में पौलेण्ड के टोमाज़ पैट्रिक स्टेंकीविज़ की फिल्म महाराजाज़ चिल्ड्रन – अ ब्रेव बंच इन इंडिया तथा फीचर फिक्शन फिल्म कैटेगरी में भारत के कार्तिक स्वामीनाथन की फिल्म मुगिज़ को बेस्ट फिल्म का अवार्ड दिया गया। वहीं सिक्सटीन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स [16आईएफएफ] में बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फीचर कैटेगरी के अवॉर्ड्स आरलैण्ड के रुआनमगन की फिल्म स्टेप्स ऑफ फ्रीडम – दा स्टोरी ऑफ आइरिश डांस तथा भारत की नलिनी एल्विनो डिसुज़ा की फिल्म दा क्लब दूसरी श्रेष्ट डाक्यूमेंट्री फीचर फिल्म का अवार्ड दिया गया. वहीं बेस्ट फीचर फिक्शन कैटेगरी का अवॉर्ड भारत के सीनू रामास्वामी की फिल्म मामानिथान [द ग्रेट मैन] को दिया गया। हुआ कई फिल्मों का प्रदर्शन प्रदर्शित हुई फिल्मों में ख़ास रही अदिति कृष्णदास निर्देशित कण्डीटुण्डु। यह 11 मिनट लम्बी एनिमेशन शॉर्ट फिल्म है, जिसकी ख़ासियत यह है कि ऑस्कर विजेता रेसुल पुकुट्टी भी इस फिल्म से जुड़े हैं। भारतीय डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म दा क्लब दिखाई गई, जिसका निर्देशन नलिनि एल्विनो डिसुज़ा ने किया है। वहीं सीनू रामासामी की फीचर फिक्शन फिल्म मामानिथान [दा ग्रेट मैन] प्रदर्शित हुई।

गुरूवार को ख़ास पोलैंड की फिल्म महाराजाज़ चिल्ड्रन – अ ब्रेव बंच इन इंडिया को लेकर ख़ास बातचीत रहेगी, जिसे लेकर दोपहर तीन बजे शहर के होटल [फोर पॉइन्ट शेरेटन] में प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। फिल्म की क्रिएटिव प्रोड्यूसर और स्क्रीन राइटर मोनिका मीडिया से मुख़ातिब होंगी, जहां वे फिल्म के बारे में खुलकर बात करेंगी। फिल्म फेस्टिवल के दूसरे दिन विशेष रूप से दिखाई जाएंगी – पोलैण्ड के टोमाज़ पार्टिक स्टेंकीविक्ज़ निर्देशित महाराजाज़ चिल्ड्रन – अ ब्रेव बंच इन इंडिया, साउथ अफ्रिका की एनिमेशन फिल्म फेज़िटो गोज़ टू मार्केट, हन्ना बेकममबेतोवा निर्देशित एनिमेशन फिल्म एंड्रयूशाज़ डायरी, जर्मनी की लॉरा लेहमुस निर्देशित फीचर फिक्शन फिल्म दा स्वीट डिज़ास्टर, फ्रांस के अमर्तेई आर्मर निर्देशित शॉर्ट फिक्शन फिल्म सुटसुए, ऑस्ट्रेलिया से जॉन ह्यूज निर्देशित पीस पिलग्रिम्स और हॉन्ग कॉन्ग से यान यान निर्देशित साउंड ऑफ साइलेंस। कल प्रदर्शित होने वाली भारतीय फिल्मों में ख़ास रहेगी राजा घोष निर्देशित चाबी वाला, तपेन नटम की 14 मिनट लम्बी बोर्म, एलन डे इलांगो और आयशा राव की शॉर्ट एनिमेशन फिल्म वॉइसेज़ फ्रॉम दा केज और एमी बरुआ की शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री फिल्म स्क्रीमिंग बटरफ्लाइज़।

राजस्थान के शिक्षा मंत्री तक पहुंचे फिल्म, तो और लोगों तक पहुंचेगा संदेश अब तक आठ फिल्में बना चुके तमिल सिनेमा के जाने – माने फिल्म निर्देशक, लेखक और कवि सीनू रामासामी की फिल्म मामानिथान [दा ग्रेट मैन] फेस्टिवल में प्रदर्शित हुई। हाल में रिलीज इस फिल्म ने तमिलनाडु में 32 करोड़ रुपये की कमाई की है. फिल्म थेनमेकरू परुवाकाटरू के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम कर चुके रामासामी मानते हैं कि यहां बच्चों के बीच अपनी फिल्म देखना रोमांचक अनुभव है। मामानिथान [दा ग्रेट मैन] के बारे में रामासामी बताते हैं कि यह फिल्म विशेष रूप से शिक्षा के अधिकार और सामाजिक एकरसता के विषय को उठाती है, जहां यह दिखाया गया है कि किस प्रकार पेरेंट्स अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर सपने देखते हैं। अपनी बात रखते हुए रामासामी कहते हैं कि उनकी परम इच्छा है कि राजस्थान के शिक्षा मंत्री बी.डी. कल्ला तक यह फिल्म पहुंचे, ताकि इसका संदेश सभी तक फैले।

बच्चों के लिए दुर्लभ ही होते हैं फिल्म फेस्टिवल्स – नलिनी एल्विनो डिसुज़ा

पुर्तगाल में जन्मी और कई बरसों से गोवा में रह रहीं फिल्म मेकर नलिनी एल्विनो डिसुज़ा मुख्य रूप से शिक्षिका रही हैं, और यही वजह है कि वे बच्चों के ज़ेहन को बखूबी समझती हैं। बच्चों के लिए फिल्में बनाना उन्हें बेहद भाता है और वे वर्ष 2005 से फिल्में बना रही हैं। नलिनी के मुताबिक वे अपनी फिल्मों के ज़रिए गोवा में पनप रहे संगीत और दूसरे पक्षों को दुनिया के सभी हिस्सों में पहुंचाना चाहती हैं। आर्यन इंटरनेशनल चिल्ड्रंस फिल्म फेस्टिवल ऑफ़ जयपुर [आईसीएफएफ] और 16 इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स [16आईएफएफ] की प्रशंसा करते हुए नलिनी कहती हैं कि इस प्रकार के फेस्टिवल होना बहुत ज़रूरी है। चूंकि हमारे देश में फिल्म फेस्टिवल्स तो हैं, लेकिन विशेष रूप से बच्चों के लिए कोई फिल्म फेस्टिवल आयोजित नहीं किया जाता। पहली मर्तबा फेस्टिवल में शिरकत करने वाली नलिनी ऑडिटोरियम में फिल्म देखने बड़ी संख्या में पहुंचे बच्चों को देखकर बहुत खुश हैं और चाहती हैं कि गोवा में भी इस किस्म के फिल्म फेस्टिवल हों, जो ख़ास बच्चों को ध्यान में रखकर आयोजित हों।

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