विश्वरंग के चौथे संस्करण का भव्य शुभारंभ, 14 नवंबर से

• 11 नवंबर 2022 को नई दिल्ली के साहित्य अकादमी हॉल में आरंभ समारोह के साथ होगा विश्वरंग 2022 का आगाज

• वरिष्ठ संस्कृतिकर्मियों द्वारा दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में विश्वरंग महोत्सव के नए संस्करण की हुई घोषणा जिसमें 50 से अधिक देशों की भागीदारी के साथ पारंपरिक भारतीय कला रूपों और संस्कृति के दिखेंगे रंग

• रचनात्मक भव्यता और गरिमा के साथ विश्वरंग का आयोजन 14-20 नवंबर, 2022 तक भारत के मध्यप्रदेश राजधानी भोपाल में होगा।

शब्दवाणी समाचार, शुक्रवार 11 नवम्बर  2022, सम्पादकीय व्हाट्सप्प 8803818844, नई दिल्ली। साहित्य, संस्कृति और कलाओं के विविध रंगों के बीच संपूर्ण विश्व को शांति और सद्भावना का संदेश देता ‘विश्वरंग’ अपने आयोजन के चौथे संस्करण की ओर बढ़ रहा है। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के मुख्य संयोजन में यह महोत्सव 14 से 20 नवंबर को भारत की सांस्कृतिक राजधानी भोपाल में अपनी रचनात्मक भव्यता और गरिमा के साथ आयोजित होगा। यह जानकारी दी वरिष्ठ संस्कृतिकर्मी, विश्वरंग के निदेशक और रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे ने। वे गुरुवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित द पार्क होटल में विश्वरंग 2022 से संबंधित प्रेस वार्ता बात कर रहे थे। इस दौरान कॉन्फ्रेंस में उनके साथ मंच पर विश्वरंग के सह-निदेशक श्री लीलाधर मंडलोई, वनमाली सृजन पीठ के अध्यक्ष श्री मुकेश वर्मा, वरिष्ठ चित्रकार अशोक भौमिक और टैगोर विश्वकला केंद्र के निदेशक श्री विनय उपाध्याय मौजूद रहे। इस दौरान विश्वरंग और गेट सेट पेरेंट के बाल साहित्य एवं कला महोत्सव के शेड्यूल का लोकार्पण भी किया गया। उल्लेखनीय है कि किसी भी निजी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित किया जाने वाला विश्व का यह अनूठा साहित्य कला महोत्सव है।

विश्वरंग के चौथे संस्करण के बारे में बात करते हुए, श्री संतोष चौबे ने कहा, "विश्वरंग वैश्विक दर्शकों के साथ मिलकर साहित्य, कविता, कला, संगीत और संस्कृति की सच्ची भावना का जश्न मनाता है। 7 दिनों के दौरान हमारे देश की संस्कृति, कला और साहित्य को उजागर करने और उसकी सराहना करने के लिए दुनिया भर के कलाकारों और प्रतिष्ठित हस्तियों ने हाथ मिलाया है। विश्वरंग के चौथे संस्करण के साथ, हमारा लक्ष्य सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने और भारत की समृद्ध विरासत की विरासत को बढ़ाने और दुनिया भर में इसे मनाने की महत्वाकांक्षा के साथ अधिक लोगों को एक साथ लाना है। प्रेस को संबोधित करते हुए, श्री संतोष चौबे ने कहा कि विश्वरंग 11 नवंबर 2022 को साहित्य अकादमी हॉल, नई दिल्ली से 'आरंभ' समारोह के साथ शुरू होगा। वहां विश्व कविता प्रस्तुति और भारतीय कविता संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर विश्वरंग शेड्यूल, विश्वरंग ट्रेलर, पुस्तक यात्रा फिल्म शो, विश्वरंग पेंटिंग मोनोग्राफ भी लोकार्पित होंगे। विश्वरंग के जरिए दुनिया भर के 50 से अधिक देश सांस्कृतिक सद्भाव के लक्ष्य से प्रेरणा ले रहे हैं। भारतीय भाषाओं और संस्कृति की कलात्मकता और सुंदरता को पूरी दुनिया में सुना और प्रतिध्वनित किया गया है।

विश्वरंग के पिछले संस्करण में लगभग 42 मिलियन दर्शकों की ऑनलाइन उपस्थिति और भागीदारी रही, 50 से अधिक देशों में 4 लाख से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन किया और विश्व स्तर के प्रसिद्ध कलाकारों के साथ जुड़े। यह एक ऐसा आयोजन है जो कला और संस्कृति की विरासत का जश्न मनाता है और नई और आने वाली प्रतिभाओं को एक वैश्विक मंच प्रदान करता है। विश्वरंग का लक्ष्य महत्वाकांक्षी कलाकारों और विशिष्ट श्रेणी कला रूपों का सम्मान करना है, जिससे उन्हें वैश्विक मंच प्रदान कर दर्शकों तक पहुंचने में सक्षम बनाया जा सके।

इस वर्ष महोत्सव की शुरुआत कलाकारों के साथ विश्व शांति और सद्भाव के साथ की जाएगी। इसके बाद एक राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन होगा। साथ ही कला प्रदर्शनी, फिल्म स्क्रीनिंग और जनजातीय और लोक संस्कृति पर चर्चा सत्र होंगे। उद्घाटन समारोह में सिंगर पापोन, शिल्पा राव, मैथिली ठाकुर और कौशिकी चक्रवर्ती जैसे प्रसिद्ध कलाकारों की प्रस्तुति होगी। फिल्म निर्माता विशाल भारद्वाज, वैज्ञानिक के. कस्तूरीरंगन, शार्क टैंक फेम अशनीर ग्रोवर और अभिनेता विश्वपति सरकार जैसी हस्तियां भी वैचारिक सत्र और चर्चाओं का हिस्सा होंगी। 14 से 16 नवंबर तक रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय और रवींद्र भवन भोपाल में विश्वरंग 'कला महोत्सव' का भव्य आयोजन होगा। कला महोत्सव की शुरुआत मशहूर गायिका कौशिकी चक्रवर्ती के शास्त्रीय गायन से होगी। श्री राम भारतीय कला केंद्र द्वारा रामायण की प्रस्तुति रवीन्द्र भवन के मुक्ताकाश मंच पर होगी। जाने-माने नाट्य निर्देशक पूर्व नरेश द्वारा निर्देशित नाटक 'बंदिश' का मंचन किया जाएगा। शुभब्रत सेन द्वारा रवीन्द्र संगीत, सुर पराग जबलपुर द्वारा वृन्दगान की प्रस्तुतियाँ होंगी। पूर्वा रंग में कबीर पर गीता पराग की संगीतमय प्रस्तुति होगी और नया थिएटर के धन्नूलाल सिन्हा रंग संगीत पेश करेंगे।

टैगोर इंटरनेशनल लिटरेचर एंड आर्ट्स फेस्टिवल का मुख्य आयोजन 17 से 20 नवंबर तक कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर, (मिंटो हॉल), भोपाल में होगा। विश्वरंग के मुख्य समारोह का उद्घाटन 17 नवंबर की शाम को माननीय श्री मंगूभाई पटेल, मध्य प्रदेश के राज्यपाल, माननीय श्री सुभाष सरकार, भारत सरकार के राज्य मंत्री (शिक्षा) और सुश्री उषा ठाकुर माननीय मंत्री, संस्कृति और पर्यटन विभाग, मप्र सरकार द्वारा किया जाएगा। रवींद्र भवन में चित्रकला प्रतियोगिता के अलावा रवींद्र भवन से कुशाभाऊ ठाकरे हॉल तक सद्भावना रैली का आयोजन किया जाएगा। विश्वरंग महोत्सव का आयोजन भारत के अलावा 50 से अधिक देशों के सहयोग से किया जा रहा है। यह महोत्सव भारतीय संस्कृति और कला पर विभिन्न चर्चाओं का आयोजन करेगा, जिसमें वैश्विक परिदृश्य पर भारतीय संस्कृति के प्रभाव, भारतीय ज्ञान प्रणाली और राष्ट्रीय शिक्षा नीति, विश्व कविता, भारतीय महिला लेखकों के लेखन, हिंदी और उर्दू शायरी, चित्रकारी और चित्रण की कला, लेखक से मिलिए और मुशायरा जैसे आकर्षक चर्चा सत्र एवं सांस्कृतिक गतिविधियां शामिल होंगी। उल्लेखनीय है कि विश्वरंग महोत्सव मध्य भारत से एक मंच के रूप में उभरा है जो अब अन्य देशों में भी प्रसिद्धि प्राप्त कर रहा है। बड़ी संख्या में लेखक प्रवासी साहित्य, महिला लेखन और क्षेत्रीय भाषा साहित्य की भूमिका विषयों पर बात करेंगे। तीन दिवसीय महोत्सव में कला, सिनेमा, संगीत और साहित्य के प्रमुख कलाकार और लोकप्रिय चेहरे भी शामिल होंगे आदिवासी समुदाय के महत्व और उनकी संस्कृति को ध्यान में रखते हुए आदिवासी साहित्य और कला उत्सव का एक विशेष उत्सव आयोजित किया जा रहा है। विश्वरंग के अंतर्गत यह महोत्सव भारत की आदिवासी संस्कृति का गौरव बढ़ायेगा। इस महोत्सव में 18 से 20 नवंबर 22 के बीच आदिवासी कला, चित्रकला, साहित्य से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

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