प्यार में कभी नहीं करनी चाहिए ये गलतियां : आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर

शब्दवाणी समाचार, शनिवार 10 दिसम्बर  2022, सम्पादकीय व्हाट्सप्प 8803818844, नई दिल्ली। प्रेम एक शब्द नहीं बल्कि इतनी बड़ी भावना है, जो संसार को जोड़े रखती है। बदलते वक्त के साथ लोगों ने इसके सच्चे अर्थ को समझने में भूल कर दी है और परेशानियों से रूबरू हो रहे हैं। हालांकि, अगर आप किसी से सच्चा प्रेम करते हैं तो आपको इसकी हकीकत समझने में दिक्कत नहीं होगी। फिर भी ना जाने कितने लोग कई बार जानते-बूझते प्यार में कई गलतियां कर देते हैं, जो रिश्तों की गर्माहट में असर डालती हैं। अगर आप भी ऐसी ही किसी मुश्किल से जूझ रहे हैं या फिर ऐसी मुश्किल में नहीं पड़ना चाहते, तो इसके लिए आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने बेहद आसान से कारगर टिप्स दिए हैं। दुनिया के दूसरे सबसे बड़े माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म, कू ऐप पर श्री श्री रविशंकर ने इस बड़ी परेशानी से निजात पाने के लिए एक वीडियो पोस्ट किया है। ‘प्यार में ना करें ये गलतियां’ शीर्षक से पोस्ट किए गए इस वीडियो में श्री श्री रविशंकर बेहद आसान ढंग से इन गलतियों को ना करने और ये गलतियां कौन सी है के बारे में जानकारी देते दिखाई दे रहे हैं। 

इस वीडियो में श्री श्री कहते हैं, “जोड़ों (कपल्स) के लिए मैं एक बात कहूंगा कि एक-दूसरे पर बहुत ज्यादा फोकस ना करें। यह दो लकीरों की तरह हैं जो एक-दूसरे पर फोकस करती हैं। कभी-कभार आप उसकी तरह अलग-अलग चलते हो, लेकिन आपको एक-दूसरे के समानांतर चलना चाहिए। समानांतर का मतलब है कि जीवन में दोनों का लक्ष्य एक ही होना चाहिए, जीवन में दोनों एक ही लक्ष्य रखें और इसकी तरफ ही आगे बढ़ें। उन्होंने आगे टिप्स देते हुए बताया, “एक-दूसरे की निगरानी ना करें, कभी अपने प्रति प्रेम जानने के लिए साथी सवाल ना करें। आपको पता होना चाहिए अपने साथी के प्रति प्रेम को साबित करना एक बड़ा बोझ है। क्या आप मुझे वाकई प्रेम करते हो, यह पूछने की बजाय आपको पूछना चाहिए कि आप मुझे इतना ज्यादा प्रेम क्यों करते हो। क्या आपको पता है कि जब आप किसी से यह सवाल पूछते हो कि वह आपको इतना ज्यादा प्रेम क्यों करता है, तब दोनों के बीच प्रेम और ज्यादा बढ़ जाता है। लेकिन जब आप पूछते हो कि क्या आप मुझे वाकई प्रेम करते हो, तो यह शक उनके बीच जो वाकई में प्रेम मौजूद होता है, उसे कम करने लगता है और साथी सोचने लगता है कि ओह्ह्ह.. अब मैं इसे कैसे साबित करूं। किसी रिश्ते में जिस चीज की जरूरत होती है, वो है देने के लिए स्थान और दूसरों को भी देने के लिए जगह।

Comments

Popular posts from this blog

शब्दवाणी समाचार पाठक संघ के सदस्यों का भव्य स्वागत हुआ और अब सबको मिलेगी एक समान शिक्षा का लांच

उप श्रम आयुक्त द्वारा लिखित में मांगों पर सहमति दिए जाने के बाद ट्रेड यूनियनों ने समाप्त किया धरन : गंगेश्वर दत्त शर्मा

तुलसीदास जयंती पर जानें हनुमान चालीसा की रचना कैसी हुई : रविन्द्र दाधीच