सैमसंग इनोवेशन कैंपस प्रोग्राम के तहत कोर्स 8 शहरों में शुरू

• एआई, आईओटी, बिग डेटा और कोडिंग एवं प्रोग्रामिंग से जुड़े कोर्स

• इस प्रोग्राम में नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक के सेंटर्स में छात्रों को प्रशिक्षित किया जाएगा

• युवाओं को क्लासरूम ट्रेनिंग मिलेगी और अपने चुने हुए तकनीकी डोमेन में कैपस्टोन प्रोजेक्ट को पूरा करना होगा

• छात्रों को आसानी से नौकरी मिल सके इसके लिए सॉफ्ट स्किल्स ट्रेनिंग और जॉब प्लेसमेंट भी मिलेगी

शब्दवाणी समाचार मंगलवार 24 जनवरी 2023, सम्पादकीय व्हाट्सप्प 8803818844, गुरुग्राम। सैमसंग इंडिया ने अपने सीएसआर कार्यक्रम 'सैमसंग इनोवेशन कैंपस' को देश भर के आठ परिसरों में शुरू किया है। इसका उद्देश्य एआई, आईओटी, बिग डेटा और कोडिंग एवं प्रोग्रामिंग जैसे भविष्य के तकनीकी क्षेत्रों में 3,000 पिछड़े युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना और उन्हें संबंधित क्षेत्र में जॉब प्लेसमेंट प्राप्त करने में मदद करना है। लखनऊ विश्वविद्यालय, नई दिल्ली और हैदराबाद में राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC), भिलाई में छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, करीमनगर में SRR कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज, भुवनेश्वर में सेंट्रल टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर, बेंगलुरु में श्री जयचामाराजेंद्र पॉलिटेक्निक कॉलेज और विशाखापत्तनम के डॉ. लंकापल्ली बुलैया कॉलेज में 'सैमसंग इनोवेशन कैंपस' कार्यक्रम के तहत पाठ्यक्रम शुरू हो गए हैं।

श्री पार्थ घोष, प्रमुख, सीएसआर एवं कम्युनिकेशंस, सैमसंग साउथवेस्ट एशिया ने कहा, "हमारी ग्लोबल सिटिजनशिप पहल, सैमसंग इनोवेशन कैंपस, भारत के विकास एजेंडे के साथ निकटता से जुड़ी हुई है। इस पहल के माध्यम से, हम युवाओं को सशक्त बनाना चाहते हैं और भविष्य के तकनीकी क्षेत्रों में उनके लिए रोजगार के अवसर पैदा करना चाहते हैं। इसके साथ ही हम भारत के विकास की कहानी को आगे बढ़ाना चाहते हैं और डिजिटल इंडिया को सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करना चाहते हैं। सैमसंग इनोवेशन कैंपस का उद्देश्य 18-25 वर्ष की आयु के युवाओं को भविष्य की तकनीकों में कुशल बनाना और उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है। चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए ये प्रमुख तकनीकी कौशल हैं। जिन छात्रों ने इन पाठ्यक्रमों के लिए नामांकन किया है, वे एक प्री-कोर्स असेसमेंट से गुजरे हैं और आठ संस्थानों में प्रोफेसरों द्वारा क्लासरूप ट्रेनिंग प्राप्त कर रहे हैं। छात्रों को व्यक्तिगत रूप से फोकस्ड ट्रेनिंग प्राप्त हो और वे एडवांस टेक्नोलॉजी का पूर्ण ज्ञान हासिल कर सकें, इसके लिए कोर्स को औसतन 30 छात्रों के छोटे बैचों में विभाजित किया गया है।

जिन तकनीकों पर वे काम कर रहे हैं, उनमें से प्रत्येक के व्यावहारिक उपयोगों को समझने के लिए उन्हें सही उपकरण भी प्रदान किए गए हैं। उदाहरण के लिए, IoT कोर्स में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्रों को गैलेक्सी अपसाइक्लिंग किट मिली है, जिसमें सैमसंग गैलेक्सी S9 या Note 9 स्मार्टफोन, एक ESP32 डेव बोर्ड, एक माइक्रो 5p केबल, 2 रेसिस्टर्स, 1 LED, 1 टैक्टाइल स्विच, 1 ब्रेडबोर्ड, 1 जम्पर केबल M-M, 1 USB टाइप-C अडैप्टर और केबल, और 1 माइक्रो 5p USB अडैप्टर शामिल है। ये प्रयास उन्हें तकनीक से जुड़े काम करने का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने में मदद करता है। कार्यक्रम में नामांकित युवा क्लासरूम ट्रेनिंग से गुजरेंगे और एआई, आईओटी, बिग डेटा और कोडिंग एवं प्रोग्रामिंग में से अपने चयनित तकनीकी क्षेत्रों में कैपस्टोन प्रोजेक्ट वर्क पूरा करेंगे। सर्टिफिकेशन के लिए जरूरी प्रोजेक्ट फेज छात्रों को संबंधित पाठ्यक्रमों में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने में मदद करने के लिए तैयार किया गया है। एआई कोर्स को चुनने वालों को 270 घंटे का थ्योरी प्रशिक्षण और 80 घंटे का प्रोजेक्ट वर्क पूरा करना होगा, जबकि आईओटी या बिग डेटा कोर्स करने वालों को 160 घंटे का प्रशिक्षण और 80 घंटे का प्रोजेक्ट वर्क पूरा करना होगा। कोडिंग और प्रोग्रामिंग पाठ्यक्रम का चयन करने वाले प्रतिभागियों को 80 घंटे का प्रशिक्षण पूरा करना होगा और पाठ्यक्रम को पूरा करने के लिए 4 दिवसीय हैकथॉन में भाग लेना होगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों की रोजगार प्राप्त करने क्षमता बढ़ाने के लिए सॉफ्ट स्किल्स का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा और संबंधित संगठनों में नौकरी प्रदान की जाएगी। अपना पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद, छात्र जॉब फेयर में भाग लेंगे, जहां उनके तकनीकी कौशल के लिए सही नौकरी खोजने में सहायता की जाएगी।

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