जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फैस्टिवल आज पांचवां और अन्तिम दिन

शब्दवाणी समाचार, बुधवार 11 जनवरी 2023, सम्पादकीय व्हाट्सप्प 8803818844, जयपुर। जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फैस्टिवल का पंद्रहवाँ संस्करण मंगलवार को 8 देशों की 61 फिल्मों की स्क्रीनिंग के साथ  सम्पन्न हो गया। कुल मिलाकर इस पांच दिवसीय फिल्म फैस्टिवल में 83 देशों की 282 फिल्मों की स्क्रीनिंग की गई। जिफ के फाउन्डर हनु रोज ने बताया कि कोरोना की दहशत के बाद खिले निर्भय माहौल में इस बार बड़ी संख्या में देश्-विदेश के फिल्मकारों और अभिनेताओं अभिनेत्रियों ने शिरकत की और जिफ को एक पारिवारिक आयोजन की संज्ञा देकर इसमें बार बार आने की इच्छा जताई। 

हनु रोज ने बताया कि वो कोरोना की चीन में फिर से हुई आहट की वजह से इसके आयोजन को लेकर आशंकित थे लेकिन फिल्मकारों से मिले सुझावों और समर्थन के आधार पर उन्होंने इस आयोजन में दुनिया भर के फिल्मकारों को आमंत्रित किया और इसके परिणाम काफी सकारात्मक नजर आए।  उन्होंने कहा इस बार का समारोह पंजाब सरकार के पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित हुआ है।  राजस्थान सरकार द्वारा आउटडेटेड और घटिया फिल्म पॉलिसी की पोल खुल जाने से अफसर मंत्री आदि ने जिफ से घबरा कर मिलने तक की जहमत इस बार नहीं उठाई. - हनु रोज . इस बार के आयोजन में पांच दिन में पांच हजार सिने प्रेमियों और 800 फिल्म निर्माता निर्देशकों ने शिरकत की जो इस फैस्टिवल के प्रति लोगों की रूचि का परिचायक है।

जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में यूनाइटेड किंगडम से आई फिलिप्पा फ्रिस्बी ने बताया कि जिफ अपने आप में एक अनोखा मंच है जो नई फिल्म मेकर और राइटर को मौका देते हैं। इस फेस्टिवल में मैनें खूब इंजॉय किया। अलग-अलग कलाकारों से मिलना अलग कल्चर को जानना सच में बहुत अद्भुत लगा। अलग-अलग भाषाओं की बनी फिल्म को देखना और नए कलाकारों की अदाकारी को देखना अच्छा अनुभव रहा। उन्होंने कहा की ऐसे फेस्टिवल होते रहने चाहिए। स्क्रीनिंग टाइम में फिल्म देखने के साथ-साथ हमने अलग-अलग सेशन को भी अटेंड किया और बहुत कुछ नया सीखा। मध्य प्रदेश के जबलपुर से आए वैभव.के.पाठक ने बताया कि जिफ  एक शानदार मंच हैं। । यहां वो अपने एक मित्र की फिल्म स्क्रीनिंग में आए थे। फेस्टिवल के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि फेस्टिवल का आगाज बहुत क्लासिकल रहा हैं। फेस्टिवल के चौथे दिन  रविंद्र उपाध्याय की आवाज ने बहुत सुकून दिया। उन्होंने बताया सोनाली बेंद्रे, बाबिल खान, पंकज पराशर और कमलेश पांडेय को सुनना बहुत अच्छा लगा। विदेशी फिल्मों के साथ-साथ देश की अलग-अलग भाषाओं तेलुगू मलयालम और राजस्थानी की फिल्में देखना मुझे बहुत सुखद लगा। उन्होंने यह भी बताया कि हर साल होने वाले इस फेस्टिवल में मैं शामिल होना चाहूंगा। उन्होंने यह भी कहा कि यहां आकर पता चल रहा है नए-नए फिल्म मेकर कितने अद्भुत कंटेंट पर काम कर रहे हैं। उन्हें ‘डॉल पोस्टमैन’ मूवी बहुत पसंद आई।

जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फैस्टिवल के पन्द्रहवें संस्करण के दौरान राजस्थान के सक्रिय और चर्चित 16 फिल्मकारों की फिल्मों की भी स्क्रीनिंग की गई। इनमें तीन राजस्थानी भाशा की फुल लैंथ फिल्मों नीरज खंडेलवाल की मिंजर, दीपांकर प्रकाश की नानेरा, अनिल भूप की सुभागी तथा हेमंत सिरवी की हिंदी फिल्म गोडलिया सहित 12 शॉर्ट कैटेगिरी की फिल्में शामिल हैं।

फिल्मोत्सवों के इतिहास में पहली बार जिफ सिने प्रेमियों के लिए एक अनूठी थीम लाया  जिसका नाम है ‘फिल्मों से मानिसक योग’। इस दौरान ऑयनॉक्स के ऑडी-5 में सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक इस थीम पर ऐसी अनेक फिल्मों की स्क्रीनिंग की गई जिन्हें देखकर व्यक्ति के मन मस्तिश्क को सुकून की अनुभूति हुई। हनु रोज ने कहा कि समाज और दुनियां में इस समय विभाजन और मानसिक तनाव की स्थिति बढ़ती जा रही है ऐसे मे हम फिल्मों की माध्यम से लोगों को मानसिक योग और सुकून की अनुभूति देने का हमारा प्रयास सफल रहा। फिल्म फैस्टिवल के बाद अब जिफ पूरी दुनियां में ऐसी फिल्मों को प्रोत्साहित करने का अभियान भी चलाएगा।जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फैस्टिवल का सोलहवां संस्करण 2024 में 5 से 9 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। जिफ को जनवरी महीने के पहले शुक्रवार से शुरू करने की परिपाटी जारी रखी जाएगी।

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