ITC ने छात्रों को जागरूक बनाने के लिए ट्रैश टू ट्रेज़र प्रोग्राम किया शुरु

◆ इस पहल का उद्देश्य पूरे भारत के 100 से अधिक शहरों में रहने वाले 35 लाख बच्चों को प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के बारे में शिक्षित करना है

◆ जमा किए गए प्लास्टिक कचरे को रिसाइकल करके उससे ज़रूरतमंद स्कूलों के लिए बेंच एवं डेस्क बनाए जाएंगे

◆ 18000 किलो प्लास्टिक कचरे से 1000 रिसाइकल बेंच एवं डेस्क बनाए जा रहे हैं, अब तक इस प्रोग्राम के तहत 80 से अधिक बेंच-डेस्क स्कूलों में लगाए जा चुके हैं

शब्दवाणी समाचार शनिवार 14 जनवरी 2023, सम्पादकीय व्हाट्सप्प 8803818844, नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र एसडीजी लक्ष्यों, खासकर एसडीजी 12 (जिम्मेदारी के साथ उपयोग एवं उत्पादन) में रेखांकित प्रस्तावों के अनुकूल एक स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ भविष्य के लिए राष्ट्रीय प्रतिबद्धता में योगदान देने हेतु, ITC Ltd. के मशहूर इंस्टैंट नूडल्स एवं पास्ता ब्रांड Sunfeast YiPPee! ने हाल ही में ‘YiPPee! बेटर वर्ल्ड ट्रैश-टू-ट्रेज़र’ प्रोग्राम शुरु किया है। इस प्रोग्राम का उद्देश्य स्कूली बच्चों में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जागरूकता निर्माण करना है, और यह कदम लोगों में एक बेहतर विश्व की परिकल्पना को बढ़ावा देने वाले ब्रांड के मिशन के अनुरूप भी है। Sunfeast YiPPee! अपने एनजीओ सहयोगी ‘वे फॉर लाइफ’ के साथ मिलकर इस अभियान का नेतृत्व कर रहा है। 

 YiPPee! की यह पहल 100 से अधिक शहरों में रहने वाले 35 लाख छात्रों के व्यवहार में परिवर्तन लाने के लिए तैयार की गई है। इसके तहत स्कूलों में प्लास्टिक कचरे और पर्यावरण पर इसके प्रभाव के प्रति जागरूकता निर्माण करने के साथ प्लास्टिक कचरे को कम करने, इसके दोबारा इस्तेमाल और रिसाइकल करने की रणनीतियों की जानकारी भी दी जाएगी। इस पहल के बारे बताते हुए सुश्री कविता चतुर्वेदी, चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर – स्नैक्स, नूडल्स एंड पास्ता, ITC फूड्स डिविजिन, ने कहा, “ITC ने दुनिया भर में पर्यावरण सुरक्षा और बड़े स्तर पर आजीविका समर्थन पहलों के साथ स्थायी विकास की मिसाल पेश की है। हमारी कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं के पास से निकलने वाले प्लास्टिक पैकेजिंग कचरे के लिए एक सर्कुलर ईकोनॉमी यानि चक्रीय अर्थव्यवस्था तैयार करने की प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जाता है। इन्हीं प्रयासों से प्रेरित होकर Sunfeast YiPPee!  ने स्कूलों में कम्युनिटी चैंपियन तैयार करने की मुहिम शुरु की है, जो प्लास्टिक कचरे में कमी लाने, उसे रिसाइकल करके दोबारा इस्तेमाल योग्य बनाने में मदद करेंगे। हमें पूरा यकीन है कि YiPPee! की ट्रैश-टू-ट्रेज़र पहल स्कूली बच्चों को शिक्षित करेगी और उन्हें एक बेहतर विश्व तैयार करने की दिशा में गंभीर प्रयास करने हेतु प्रोत्साहित कर सकेगी।

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