आईबीए का नेशनल बेवरेज कॉनक्लेव दिल्ली में हुआ

स्थायी समाधानों की तलाश और वैश्विक नेतृत्व हेतु मार्ग निर्माण

शब्दवाणी समाचार, शुक्रवार 7 जुलाई 2023, नई दिल्ली। बहुप्रतीक्षित इंडियन बेवरेज एसोसिएशन (आईबीए) के नेशनल बेवरेज कॉनक्लेव का आयोजन बहुत उत्साह से साथ शंग्रीला इरोज़ होटल, नई दिल्ली में हुआ। ’’सस्टेनेबल फूड सिस्टम्सः रिडिफाइनिंग द बेवरेज इंडस्ट्री’’ थीम के अंतर्गत इस कॉनक्लेव में इंडस्ट्री लीडर, नीति निर्माता, नियामक निकायों के प्रतिनिधि व अन्य प्रमुख स्टेकहोल्डर एकजुट हुए और उन्होंने नॉन-एल्कोहॉलिक बेवरेज सेक्टर के भविष्य को आकार देने के बारे में चर्चा की।

इस आयोजन ने बेवरेज उद्योग को एक मंच दिया ताकी प्रधानमंत्री के ध्येय -भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना- के मुताबिक काम करते हुए भारत को पेय उत्पादों का वैश्विक केन्द्र बनाया जा सके और देश की अर्थव्यवस्था को लक्ष्य तक पहुंचाने में योगदान दिया जा सके। यह दर्शाने के लिए कि देश में रोजगार उत्पन्न करने में नॉन-एल्कोहॉलिक बेवरेज सेक्टर एक उत्प्रेरक का काम करेगा, इस कॉनक्लेव में आर्थिक वृद्धि को गति देने की इस उद्योग की क्षमताओं पर प्रकाश डाला गया। उपस्थित जनों ने पैनल चर्चाओं और प्रेजेंटेशंस से बहुमूल्य ज्ञान प्राप्त किया जिन्हें विविध विषयों के विशेषज्ञों ने प्रस्तुत किया जिनमें प्रतिष्ठित संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे जैसे की आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रीशन, उद्योग के दिग्गज, स्टार्टअप, थिंक टैंक और प्रभावशाली विचारक। अग्रणी बेवरेज कॉर्पोरेट्स के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने कॉनक्लेव हेतु पैनलिस्टों को सहूलियत प्रदान की।

इस कॉनक्लेव को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि, डॉ राकेश मोहन, प्रेसिडेंट अमेरिटस एवं विशिष्ट फैलो, सीएसईपी ने कहा, ’’सस्टेनेबिलिटी की ओर बेवरेज इंडस्ट्री की उल्लेखनीय यात्रा का गवाह बनने की मुझे बहुत खुशी है। इंडस्ट्री ने पर्यावरण की ओर सचेत दृष्टिकोण अपनाया है और यह सुनिश्चित किया है कि उनके उत्पादों का उत्पादन इस तरह हो जिससे हमारा ग्रह संरक्षित रहे। इसके अलावा, सेहत व फिटनेस पर इंडस्ट्री का फोकस हमारे ग्राहकों की बदलती जरूरतों व आकांक्षाओं के अनुसार है। जब हम अन्य विकसित देशों के साथ भारत की प्रगति की तुलना करते हैं तो यह देखना प्रेरणादायी है कि हमारी बेवरेज इंडस्ट्री सस्टेनेबल तौर-तरीकों को सक्रियता से लागू कर रही है। ऊर्जा की खपत घटाने से लेकर इनोवेटिव समाधानों को अमल में लाने तक वे प्रशंसनीय उदाहरण स्थापित कर रहे हैं जिनका दूसरों को अनुसरण करना चाहिए।

इस कॉनक्लेव में कुछ जानेमाने सरकारी अधिकारियों ने शिरकत की जैसे सी के मिश्रा, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय; डॉ एच एस ओबरॉय, एफएसएसएआई; डॉ राकेश मोहन, प्रेसिडेंट अमेरिटस एवं विशिष्ट फैलो, सीएसईपी, सदस्य, पीएम-ईएसी। आईबीए के प्रमुख अधिकारीगण एस आर गोयनका, चेयरपर्सन; सी के जयपुरिया, वाइस चेयरपर्सन और जे पी मीणा, महासचिव आयोजन में उपस्थित रहे। इंडस्ट्री के दिग्गज व पैनलिस्ट जो यहां आए उनमें शामिल थे- एंजेलो जॉर्ज, बिसलेरी इंटरनेशनल; डॉ अर्पिता मुखर्जी, आईसीआरआईईआर; दीपक अग्रवाल, ऑरिक; दीपक जॉली, इंड फूड एंड बेवरेज एसोसिएशन; डॉ डी वी दर्शने, इंड फूड एंड बेवरेज एसोसिएशन; लीना श्रीवास्तव, अशोका सेंटर फॉर अ पीपल-सेंट्रिक ऐनर्जी ट्रांज़िशन; नैना शर्मा, इन्वैस्ट इंडिया; नयनतारा राय, ज़ोमेटो; डॉ नाज़नीन हुसैन, इंडियन डायटेटिक एसोसिएशन; प्रभजोत सोढ़ी, सीईई; रवि कपूर, पीडब्ल्यूसी; शांतनु गुहाराय, सेंट्रल यूरोपियन न्यूज़ एंड न्यूज़एक्स; संदीप बजोरिया, कोका-कोला इंडिया; सुनीति टोटेजा, ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीआईएस) आदि। कार्यक्रम संचालन आईबीए की निदेशक तायना मजीठिया ने किया।

नेशनल बेवरेज कॉनक्लेव 2023 में पैनल चर्चाएं कुछ सबसे महत्व के विषयों पर हुईं जैसे कि पर्यावरणीय स्थिरता, आर्थिक व राजकोषीय स्थिरता और सामाजिक स्थिरता। इन विषयों और चर्चाओं ने सहभागियों को प्रेरित किया कि बेवरेज मैन्युफैक्चरिंग, वितरण और खपत के बारे में कुछ नया सोचें।

इस कॉनक्लेव के परिणामों पर अपना उत्साह साझा करते हुए आईबीए के महासचिव श्री जे पी मीणा ने कहा, ’’आईबीए के नेशनल बेवरेज कॉनक्लेव 2023 ने इंडस्ट्री स्टेकहोल्डरों के लिए एक बेहतरीन मंच मुहैया कराया है जहां वे एकजुट हो सकें और बेवरेज इंडस्ट्री के भविष्य को आकार दें। विभिन्न क्षेत्रों के सहभागियों ने इस उद्देश्य के लिए जो दिलचस्पी और प्रतिबद्धता दिखाई उससे हम बहुत रोमांचित हैं। सस्टेनेबल फूड सिस्टम को अपना कर हम नॉन-एल्कोहॉलिक बेवरेजिस इंडस्ट्री की पूर्ण क्षमता को यथार्थ में उतार सकते हैं और एक ज्यादा समृद्ध एवं पर्यावरण के लिहाज़ से सचेत भविष्य की रचना कर सकते हैं।

इस कॉनक्लेव में आर्थिक वृद्धि, नवाचार वृद्धि और निर्यात वृद्धि में बेवरेज उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया गया। प्रमुख चर्चाएं प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने, बाजार पहुंच के विस्तार और विदेशी निवेश को आकर्षित करने पर केन्द्रित थीं। सहकार्यता, विकास और नवाचार पर फोकस के साथ इस कॉनक्लेव का उद्देश्य था सामाजिक स्थिरता के जरिए इन महत्वाकांक्षी आर्थिक लक्ष्यों की प्राप्ति की ओर बेवरेज इंडस्ट्री को आगे बढ़ाना। ऑडियेंस की सकारात्मक स्वीकार्यता और उपस्थित जनों की सक्रिय भागीदारी के चलते आईबीए द्वारा आयोजित यह प्रभावी कार्यक्रम कामयाब रहा।

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