टाटा प्ले ने भारत में निर्मित अपने तीसरे उपग्रह से सेवाएं किया शुरू

 

● अंतरिक्ष विभाग (डीओएस) के साथ 18 साल की साझेदारी हुई मजबूत

● एनएसआईएल (न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड) ने जीसैट-24 की सेवाएँ शुरू करने के लिए टाटा प्ले के साथ साझेदारी की

● इस नए बैंडविड्थ से चैनल संचार की क्षमता बढ़ेगी, जिससे सिग्नल प्राप्त करने और पिक्चर की गुणवत्ता में सुधार आएगा

शब्दवाणी समाचार, मंडलवार 8 अगस्त 2023, नई दिल्ली। टाटा प्ले (पूर्व में टाटा स्काई नाम से प्रचलित) ने सरकार के मेक इन इंडिया लक्ष्य के अनुरूप जून 2022 में एनएसआईएल (न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड) के साथ गठबंधन कर जीसैट-24 उपग्रह का प्रक्षेपण किया। टाटा प्ले अपने कक्ष में स्थापित हो चुके इस उपग्रह का उपयोग आज से शुरू करेगा। इस बढ़ी हुई बैंडविड्थ से टाटा प्ले अपने उपयोगकर्ताओं को और भी बेहतर पिक्चर और ध्वनि प्रदान कर पाएगा, और सभी डीटीएच प्लेटफार्मों के बीच सबसे बड़ा उपग्रह बैंडविड्थ प्रदाता बनने के साथ 50% ज़्यादा चैनल प्रसारित कर पाएगा।

इस उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली के छतरपुर में टाटा प्ले के प्रसारण केंद्र पर हुआ। इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव श्री अपूर्व चंद्रा ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा, जीसैट-24 सफलतापूर्वक शुरू होने के लिए डीओएस और टाटा प्ले को बधाई। इस  आयोजन  ने अंतरिक्ष और संचार के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की ओर एक और कदम बढ़ाया है।

कार्यक्रम के अवसर पर मौजूद इसरो के चेयरमैन श्री एस. सोमनाथ ने कहा, जीसैट-24 एक 4-टन वर्ग का संचार उपग्रह है, जो डीटीएच सेवाएं प्रदान करने के लिए बनाया गया है। इसने कक्षा में विस्तृत परीक्षण के बाद अपनी अधिकतम उपग्रह क्षमता के साथ काम करना शुरू कर दिया है। यह महत्वपूर्ण उपलब्धि भारत के दूरसंचार क्षेत्र में अत्याधुनिक स्वदेशी प्रौद्योगिकी द्वारा लायी गई एक क्रांति का प्रतीक है। यह हमारे देश के एयरोस्पेस के कौशल को हमारा आभार है और मांग पर आधारित मिशन के क्षेत्र में भारत के सफल प्रवेश की शुरुआत करता है।

एनएसआईएल के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, श्री राधाकृष्णन दुरईराज ने कहा, अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधारों के बाद जीसैट-24 एनएसआईएल द्वारा शुरू किया गया पहला मांग आधारित संचार उपग्रह मिशन है। जीसैट-24 उपग्रह भारत में उपग्रह टेलीविजन के एक नए युग की शुरुआत करने के लिए तैयार है। मेक इन इंडिया पहल की सफलता प्रमाणित करते हुए यह उपग्रह अत्याधुनिक डिजिटल टीवी प्रसारण क्षमताओं द्वारा घरेलू प्रसारण सेवाओं में मदद करेगा। एनएसआईएल, इसरो और टाटा प्ले की टीमों को बधाई, जिन्होंने इस परियोजना को सफल बनाने में सहयोग दिया।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर टाटा प्ले के एमडी व सीईओ, हरित नागपाल ने कहा, टाटा प्ले द्वारा देखने के अनुभव को सबसे ज़्यादा महत्व दिया जाता है। एनएसआईएल के साथ इस सहयोग द्वारा हमारे डीटीएच ग्राहकों को और भी बेहतर वीडियो एवं ऑडियो गुणवत्ता मिलेगी और वो कई सारे चैनलों व सेवाओं का आनंद ले सकेंगे। यह इस देश में लीनियर टीवी की ओर हमारी प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है, जहां लगभग 14 करोड़ घरों में अभी भी पहला टीवी खरीदा जाना बाक़ी है। हमने अपनी सभी सेवाएं हमेशा अंतरिक्ष विभाग द्वारा निर्मित स्वदेशी उपग्रहों के माध्यम से प्रदान की हैं और क्षमता में इस वृद्धि से ‘मेक इन इंडिया’ के प्रति हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि होती है।

जीसैट-24 एक 24-केयू बैंड संचार उपग्रह है, जिसे भारत सरकार द्वारा केवल टाटा प्ले की डीटीएच सेवाओं के लिए प्रक्षेपित किया गया है। मार्च 2019 में निगमित, एनएसआईएल, अंतरिक्ष विभाग के अन्तर्गत एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम (सीपीएसई) और अंतरिक्ष विभाग की वाणिज्यिक शाखा है। जीसैट-24 उपग्रह की संपूर्ण क्षमता को इसके प्रतिबद्ध ग्राहक टाटा प्ले को पट्टे पर दिया गया है।

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