सरस आजीविका मेला मैं मध्यप्रदेश की चंदेरी साड़ी, कलमकारी साड़ी व गजक के स्टॉलों पर जमकर हुई खरीदारी

तेलंगाना की मशहूर मिठाई पुथरेकुलु, रागी गबल्लु समेत पोछमपल्ली साड़ी के स्टॉलों पर रही भीड़

स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए बी-टू-बी मीटिंग आयोजित

शब्दवाणी समाचार, बुधवार 22 नवंबर 2023, संपादकीय व्हाट्सएप 08803818844 नई दिल्ली। सरस आजीविका मेला 2023 में आज मेले में अच्छी खासी खरीदारी हुई। मेले में आए मध्यप्रदेश के स्टेट कोआर्डिनेटर आकाश निगम ने बताया कि हमारे राज्य से सरस में कुल नौ स्टॉल लगाए गए हैं। आठ जहां हेंडीक्राफ्ट व हेंडलूम के स्टॉल हैं वहीं एक स्टॉल फूड आइटम्स के लगाए गए हैं। मध्यप्रदेश के मुरैना जिले का गजक हो या फिर चंदेरी की साड़ी ये सभी आप को सरस आजीविका मेले में देखने को मिलेगा। मंदसौर जिले से आई हुईं चित्रा राय बताती हैं कि वो अपने स्टॉल नंबर 95 पर आर्टिफिशियल ज्वेलरी का आईटम लेकर आई हुई हैं। इस स्टॉल पर आप को हाथ के कंगन, गले की नेकलेस, इयर रिंग्स, टॉप्स, झुमका समेत तमाम आइटम उपलब्ध हैं। वहीं, मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले से आई हुईं गंगा स्वयं सहायता समूह की नसीम बानो बताती हैं कि हम अपने स्टॉल नंबर 158 पर बटिक एंड ब्लॉक प्रिंट साड़ी, कलमकारी साड़ी, डिस्चार्ज प्रिंट साड़ी आदि लेकर आई हुई हैं जो कि दिल्ली एनसीआर वालों को काफी आकर्षित कर रही हैं। खास कर महिलाएं इनके स्टॉल पर खरीदारी कर रही हैं। 

वहीं, मेले में तेलंगाना से कुल छह स्टॉल लगाए गए हैं। पांच जहां हेंडीक्राफ्ट व हेंडलूम के स्टॉल लगाए गए हैं वहीं एक फूड आइटम के स्टॉल लगाए गए हैं। तेलंगाना की मेडचिल मलकाजगिरी जिले से आई हुईं अकुला कृष्ण कुमारी अपनी स्टॉल नंबर 132 पर मशहूर मिठाई पुथरेकुलु, रागी गबल्लु, रागी चकल्लु, सग्गुवियम मुरकुलु समेत तमाम फूड आइटम की समान लेकर यहां पर आई हुईं हैं जिसे की लोग काफी पसंद कर रहे हैं। साथ ही तेलंगाना के मशहूर पोछमपल्ली साड़ी, दुपट्टा, बेडसीट, इकतपट्टु के साड़ी, लहंगा आदि के आइटम भी आप को स्टॉल नंबर 58 पर मिल जाएंगे। 

वहीं, आज स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के लिए सीधे बाज़ार से जोड़ने हेतु बी-टू-बी मीटिंग का भी आयोजन किया गया। इस मीटिंग में देश भर की 29 राज्यों से पचास के करीब स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने हिस्सा लिया। इस कार्यशाला का आयोजन राष्ट्रीय ग्रामीण विकास व पंचायती राज संस्थान तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा किया गया। कार्यशाला के दौरान राष्ट्रीय ग्रामीण विकास व पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर) से रुचिरा भट्टाचार्य, चिरंजी लाल कटारिया, सुधीर कुमार समेत तमाम अधिकारी, स्टेट के स्टेट कोआर्डिनेटर व स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मौजूद रहीं।

ज्ञात हो कि दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 42वें विश्व व्यापार मेले में एक बार फिर परंपरा, क्राफ्ट, कला एवं संस्कृति  से सराबोर  14 नवंबर से 27 नवंबर  तक  प्रसिद्ध सरस आजीविका मेला 2023 का आयोजन प्रगति मैदान स्थित हॉल नंबर 7 (ए, बी, सी) में किया जा रहा है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय और राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान (एनआईआरडीपीआर) द्वारा आयोजित इस सरस आजीविका मेला 2023 में ग्रामीण भारत की शिल्पकलाओं का मुख्य रूप से प्रदर्शन किया जा रहा है। 14 नवंबर से 27 नवंबर तक चलने वाले इस उत्सव में 300 से अधिक महिला शिल्प कलाकार, 165 के करीब स्टॉलों पर अपनी अपनी उत्कृष्ट प्रदर्शनी का प्रदर्शन कर रहे हैं।

सरस आजीविका मेला के दौरान देश भर के 29 राज्यों के हजारों उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री हो रही है। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा यह एक मुहिम की शुरुआत की गई है जिससे कि हमारे देश के हस्तशिल्पियों और हस्तकारों को अपनी रोजगार शुरू करने का मौका मिल सके। 

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