नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ने ट्यूलिप ग्रोथ और स्टोरेज कोल्ड चैंबर लोधी गार्डन में किया स्थापित

◆ 12'x20'x9' का कोल्ड स्टोरेज चैंबर, जिसमें 2-20 डिग्री सेल्सियस के बीच नियंत्रित तापमान में लगभग 50,000 ताजा ट्यूलिप बल्ब स्टोर करने की क्षमता है

◆ ट्यूलिप उत्प्रेरक कक्ष 15'x28'x9' का है, जिसमें लगभग 2,000 बल्ब उगाने की सुविधा है, इसे 10-22 डिग्री सेल्सियस नियंत्रित तापमान के साथ 4,000 बल्ब की क्षमता तक बढ़ाया जा सकता है

शब्दवाणी समाचार, नवम्बर 15 नवम्बर 2023, सम्पादकीय व्हाट्सप्प 8803818844, नई दिल्ली। माननीय उपराज्यपाल- श्री वीके सक्सेना ने पिछली सर्दियों के दौरान नई दिल्ली नगरपालिका परिषद ( एनडीएमसी ) क्षेत्र में ट्यूलिप बागानों के अपने विभिन्न दौरों के दौरान न केवल आयात लागत को कम करने के उद्देश्य से ट्यूलिप पौधों की स्वदेशी बुआई और उत्पादन सुनिश्चित करने के तरीकों और साधनों की खोज पर जोर दिया था साथ ही उनकी उपलब्धता को बढ़ाना, बल्कि स्थानीय पुष्पकृषि उद्योग को भी बढ़ावा देने को रेखांकित किया था। माननीय उपराज्यपाल के दृष्टिकोण के आधार पर, एनडीएमसी ने अप्रैल 2023 में भारत में अपनी तरह की पहली एक इकाई ट्यूलिप ग्रोथ कम स्टोरेज चैंबर की स्थापना की है । सीएसआईआर, डीडीए, एनडीएमसी और एमसीडी के अधिकारियों के साथ उपराज्यपाल सचिवालय के अधिकारियों द्वारा विचार-मंथन के बाद, ट्यूलिप के स्वदेशी कन्दमूलों (बल्बों ) के उपयोग को बढ़ावा देने और आयातित कन्दमूलों पर कम निर्भरता के उद्देश्य से भारत में ही ट्यूलिप बल्बों के गुणन, उत्पादन के लिए अनुसंधान और परीक्षण शुरू करने का निर्णय लिया गया। हर साल आयातित होने वाले ट्यूलिप बल्बों के गुणन, उत्पादन के लिए भारत में ही अनुसंधान और परीक्षण शुरू करने का निर्णय लिया गया, जिसका उद्देश्य स्वदेशी कन्दमूलों (बल्बों ) के उपयोग को बढ़ावा देना और इसके बाद हर साल आयातित होने वाले आयातित बल्बों पर निर्भरता को कम करना है। 

एनडीएमसी क्षेत्र में भविष्य में उपयोग के लिए परीक्षण के आधार पर ट्यूलिप सहित काटे गए बल्बों के संरक्षण और प्रसार के लिए उचित संरचना बनाने का निर्णय भी  लिया गया, क्योंकि दिल्ली क्षेत्र में ट्यूलिप के गुणन/उत्पादन के लिए स्थितियाँ/तापमान उपयुक्त नहीं हैं। इसलिए एनडीएमसी ने तुरंत लोधी गार्डन में एक इकाई स्थापित करने की पहल की। इस बीच एनडीएमसी ने 52,000 ट्यूलिप बल्बों के हस्तांतरण के लिए सीएसआईआर-आईएचबीटी, पालमपुर के साथ एक समझौता भी किया है, जिन्हें एनडीएमसी क्षेत्र से आगे बढ़ाने के लिए रोपा गया था और अनुमोदित शर्तों के अनुसार एनडीएमसी क्षेत्र, नई दिल्ली में उगाने के लिए एनडीएमसी में वापस लौटा दिया गया था। 

दिल्ली में ट्यूलिप बल्बों के उत्पादन के लिए नवाचार और प्रयोग ने पत्ते के शुरुआती विकास के साथ उत्साहजनक परिणाम दिखाए हैं और 01, नवंबर 2023 से बल्बों ने ट्यूलिप फूल का उत्पादन शुरू कर दिया है। अब एनडीएमसी अच्छे ट्यूलिप फूल प्राप्त करने में सक्षम है। चूँकि परीक्षण उचित आकार के बल्ब प्राप्त करने के लिए है, इसलिए फूलों को काटने की आवश्यकता होगी। परिणाम सकारात्मक एवं उत्साहवर्धक हैं। एनडीएमसी पिछले साल आयातित बल्बों से अच्छी फुलवारी हासिल करने में सफल रही है। यह भारत में ट्यूलिप उत्पादन के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में एक कदम है, जिसे दिल्ली के माननीय उपराज्यपाल की देखरेख और एनडीएमसी को उनके निरंतर मार्गदर्शन और समर्थन के तहत हासिल किया गया है। 

इस वर्ष अपनाया गया कार्यक्रम :- 

 फरवरी-मार्च'2023 में ट्यूलिप के खिलने के बाद एनडीएमसी क्षेत्र से 8-10 सेमी आकार के लगभग 2,000 बल्बों की कटाई की गई, जिन्हें जुलाई 2023 तक 3 महीने के लिए 15 -20 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर भंडारण कक्ष में संग्रहीत किया गया था। 

 इसके बाद, उन्हें अक्टूबर के पहले सप्ताह तक 10 सप्ताह तक 5-6 डिग्री सेल्सियस के कम तापमान में रखा गया। 

 अक्टूबर के पहले सप्ताह के आसपास इन बल्बों को ग्रोथ चैंबर में 17-20 डिग्री सेल्सियस तापमान पर बो कर उत्पादन श्रृंखला में डाल दिया गया है, जिसका लक्ष्य बल्बों का आकार कम से कम 10 + सेमी तक बढ़ाना है। 

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