एसआरएम दिल्ली-एनसीआर ने एंटीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेन्स से निपटने के लिए मार्ग प्रशस्त किया

शब्दवाणी समाचार, शुक्रवार 22 मार्च 2024, सम्पादकीय व्हाट्सप्प 8803818844, नई दिल्ली। एंटीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेन्स (ए.एम.आर) दुनिया भर के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है, जो एंटीबायोटिक एवं अन्य एंटीमाइक्रोबियल दवाओं की क्षमता को चुनौती देता है। इस तरह के रेज़िस्टेन्स में पैथोजन (रोग पैदा करने वाले जीवाणु) उपचार के लिए प्रतिरोध उत्पन्न कर लेते हैं, ऐसे में संक्रामक बीमारी (इन्फेक्शन) से लड़ना मुश्किल हो जाता है, जिससे बीमारी लम्बे समय तक बनी रहती है। इससे न सिर्फ इलाज की लागत बढ़ती है बल्कि मृत्युदर में भी बढ़ोतरी होती है। एसआरएम युनिवर्सिटी दिल्ली-एनसीआर द्वारा ए.एम.आर पर आयोजित तीसरे अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने इस मुद्दे से निपटने के लिए आधुनिक रणनीतियों पर चर्चा की। सम्मेलन का उद्देश्य था आपसी सहयोग एवं बहु-आयामी दृष्टिकोण के द्वारा ए एम आर के कारण होने वाली चुनौतियों को हल करना तथा आधुनिक दवाओं की खोज एवं वैक्सीन के विकास के लिए अवसरों का पता लगाना। 

कार्यक्रम का उद्घाटन  हरियाणा के माननीय राज्यपाल श्री बंदारू दत्तात्रेया  ने किया जो इस अवसर पर मुख्य अतिथि थे। उन्होंने विश्वस्तरीय स्वास्थ्य संगठन के निर्देशों के अनुरूप ए.एम.आर के मुद्दे को हल करने की तात्कालिकता तथा आठ देशों की विश्वस्तरीय भागीदारी पर रोशनी डाली। राज्यपाल ने ए.एम.आर से निपटने के लिए आधुनिक दृष्टिकोण तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जैसे प्रयासों को समर्थन प्रदान करने और राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों को हासिल करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने चुनौतियों से निपटने के लिए बहु-आयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया जैसे आर्थिक बाधाएं (दवाओं के विकास के लिए तकरीबन 1 बिलियन डॉलर का खर्च), तकनीकी उन्नति में बाधाएं। उन्होंने आर्थिक एवं तकनीकी बाधाओं की बात करते हुए, 2047 तक भारत को विकसित बनाने के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दृष्टिकोण का भी उल्लेख किया। इसके अलावा उन्होंने ए.एम.आर को हल करने के लिए जागरुकता बढ़ाने की बात भी कही, साथ ही तीसरी बार इस सम्मेलन के आयोजन के लिए एसआारएम की सराहना की।

प्रोफेसर (डॉ) परमजीत एस. जसवाल, वाईस चांसलर, एसआरएम युनिवर्सिटी ने सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले सभी उपस्थितगणों का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘हमारा उद्देश्य फार्मास्युटिकल कंपनियों, शोधकर्ताओं एवं अकादमिकज्ञों के साथ साझेदारी के माध्यम से एंटीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेन्स के विकास को रोकना और इसके बारे में जागरुकता बढ़ाना है। इस अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर मुख्य प्रवक्ता के रूप में रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर एडा योनथ का स्वागत करते हुए हमें बेहद खुशी का अनुभव हो रहा है। नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर एडा ई. योनथ की मौजूदगी सभी उपस्थितगणों के लिए विशेष अवसर रहा। राइबोसोम पर उनके शोध तथा उन्हें मिले प्रतिष्ठित पुरस्कारों ने इस आयोजन के महत्व को कई गुना बढ़ा दिया। प्रोफेसर योनथ ने ए.एम.आर जैसी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य चुनौतियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इसके अलावा एसआरएम ग्रुप की डॉयरेक्टर मिस हरिनी रवि ने इस समस्या के समाधान खोजने की साझा प्रतिबद्धता पर रोशनी डाली। 

सम्मेलन के दौरान अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रोफेसर वी सैम्युल राज, पीएचडी, एफ.आर.ए.स.सी ने कहा एंटीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेन्स सिर्फ भविष्य की बात नहीं; यह मौजूदा संकट है, जिस पर तुरंत कार्रवाई करने की ज़रूरत है। 2050 तक 10 मिलियन मौतों के अनुमान के साथ, स्पष्ट है कि दवाओं के प्रति हमारे दृष्टिकोण असफल हो रहे हैं, ऐसे में हमें नए विकल्प जैसे नए एंटीबायोटिक और वैक्सीन खोजने होंगे। यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण मंच है जहां वैज्ञानिक एएमआर के खिलाफ़ रणनीतियों पर काम करने के लिए एकजुट हुए हैं। यह इस चुनौती को हल करने के लिए मनुष्य, जानवरों एवं पर्यावरण के प्रति सामुहिक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर ज़ोर  देना  है। कुल मिलाकर एसआरएम युनिवर्सिटी, दिल्ली-एनसीआर द्वारा एंटीमाइक्रोबियल रेज़िस्टेन्स पर तीसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने एंटीबायोटिक दवाओं के दुरूपयोग और एएमआर के विकास पर चर्चा की। ए.एम.आर की मौजूदा स्थिति, विभिन्न सेक्टरों जैसे फार्मास्युटिकल कंपनियों, अकादमिक एवं शोध संस्थानों के सामुहिक प्रयासों तथा इस मूक महामारी से निपटने के लिए प्रभावी समाधानों की खोज पर विचार-विमर्श किया गया। प्रोफेसर ऐडा योनथ जैसे गणमान्य दिग्गजों की मौजूदगी ने आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बना दिया, जिन्होंने विश्वस्तरीय स्वास्थ्य के कल्याण के लिए एएमआर से निपटने पर विचार प्रस्तुत किए।

Comments

Popular posts from this blog

सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया, दिल्ली एनसीआर रीजन ने किया लेडीज विंग की घोसणा

पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ गोविंद जी द्वारा हार्ट एवं कैंसर हॉस्पिटल का शिलान्यास होगा

झूठ बोलकर न्यायालय को गुमराह करने के मामले में रिपब्लिक चैनल के एंकर सैयद सोहेल के विरुद्ध याचिका दायर