बिरला फर्टिलिटी एंड आई.वी.एफ. में इलाज के बाद 33 वर्ष की महिला ने जुड़वां बच्चों को दिया जन्म

•  10 बार आई.वी.एफ. असफल रहने के बाद 

•  इस महिला को प्राथमिक सब-फर्टिलिटी और इंप्लांटेशन में बार-बार असफल होने की समस्या थी।

•  महिला और उनके पति 8 सालों से गर्भधारण की कोशिश कर रहे थे

शब्दवाणी समाचार, शुक्रवार 3 मई 2024, सम्पादकीय व्हाट्सप्प 8803818844, नई दिल्ली। बिरला फर्टिलिटी एंड आई. वी. एफ. दिल्ली में एक ऐसा मामला आया जिसमें एक 33 वर्ष की महिला और उनके पति 8 साल से गर्भधारण की कोशिश कर रहे थे, और उनकी आई. वी. एफ. प्रक्रिया 10 बार विफल हो चुकी थी। बिरला फर्टिलिटी एंड आई. वी. एफ., दिल्ली में इलाज के बाद महिला ने एक साल में ही जुड़वाँ बच्चों को जन्म दिया, जिनमें से एक लड़का है और दूसरी लड़की । यह दंपत्ति वाराणसी से 200 किलोमीटर पहले एक दूरदराज के इलाके से आया था। उन्होंने पहले दिल्ली एनसीआर के कई अस्पतालों में विभिन्न डॉक्टरों से परामर्श लिया, लेकिन उन्हें गर्भधारण नहीं हो सका। इसके बाद बिरला फर्टिलिटी एंड आई. वी. एफ., लाजपत नगर में कंसल्टैंट, डॉ. मुस्कान छाबड़ा के नेतृत्व में इस दंपत्ति का इलाज डॉक्टरों की एक टीम ने किया और उन्हें विस्तृत एवं व्यक्तिगत फर्टिलिटी केयर प्रदान की।

बिरला फर्टिलिटी एंड आई. वी. एफ., लाजपत नगर में कंसल्टैंट, डॉ. मुस्कान छाबड़ा ने कहा हमने उनका इलाज नए सिरे से शुरू करने का निर्णय लिया। परीक्षण में सामने आया कि इस महिला को प्राथमिक सबफर्टिलिटी और इंप्लांटेशन बार-बार विफल होने की समस्या थी, वहीं उनके पति का डीएनए फ्रैग्मेंटेशन इंडेक्स (डीएफआई) ज्यादा था, और उनके सीमन कल्चर पॉज़िटिव थे, यानि उनके सीमन में संक्रमण था, जिसे एंटीबायोटिक दवाएं देकर ठीक किए जाने की जरूरत थी। इस दंपत्ति को जीवनशैली में कई बदलाव करने के लिए कहा गया और उन्हें लंबे समय तक एंटीऑक्सिडेंट दिए गए। फिर महिला की हिस्टेरोस्कोपी (गर्भाशय की जाँच) की गई, जिसमें बढ़ी हुई कैविटी और यूटराइन वॉल पर स्क्रैच सामने आए। महिला की ‘एरा टेस्टिंग’ भी की गई। यह विशेष परीक्षण इंप्लांटेशन की सही विंडो का पता लगाने के लिए किया जाता है। इसका निर्धारण होने के बाद हमने महिला को डोनर आई. वी. एफ. कराने और उसके बाद इंट्रासाइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन (आईसीएसआई) कराने का परामर्श दिया। फिर एरा की टाइमिंग के अनुसार दो एंब्रियो ट्रांसफर किए गए, और इसके 15 दिनों बाद इस महिला का गर्भ पॉजिटिव आ गया। उन्होंने आगे कहा, “जब मैं पहली बार इस दंपत्ति से मिली, तब वो टूटे हुए और सदमे में थे। उनकी सारी उम्मीदें खत्म हो चुकी थीं। हमें उन्हें न केवल शारीरिक मेडिकल केयर देनी थी, बल्कि भावनात्मक केयर भी प्रदान करनी थी, ताकि वो एक बार फिर से अपने सपने में विश्वास कर सकें। जब उन्हें बताया गया कि उन्हें जुड़वां बच्चे होने वाले हैं, तो वो अपनी खुशी के आँसू रोक ना सके। टीम वर्क, धैर्य और टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन की मदद से हम उन्हें माता-पिता बनने का आनंद दे पाए। गर्भकाल सुगमता से पूरा करने के बाद उन्हें दो सुंदर बच्चे प्राप्त हुए, जिनमें से एक लड़का है, और दूसरी लड़की।

बिरला फर्टिलिटी एंड आई. वी. एफ., सी. के. बिरला ग्रुप के चीफ बिज़नेस ऑफिसर, श्री अभिषेक अग्रवाल ने कहा, “इन्फ़र्टिलिटी पूरे विश्व में स्वास्थ्य की एक गंभीर समस्या है, जिससे विश्व में लगभग 8%-10% दंपत्ति प्रभावित हैं। हर साल विश्व में इन्फ़र्टिलिटी से पीड़ित 60-80 मिलियन दंपत्तियों में से लगभग 15 से 28 मिलियन (25%) अकेले भारत में हैं। बिरला फर्टिलिटी एंड आई. वी. एफ. में हम अपने पास आने वाले हर मरीज को विश्वसनीय और सहानुभूतिपूर्ण केयर प्रदान करना चाहते हैं। हम अपने मरीज़ों के इलाज में हर कदम पर उनके साथ खड़े रहते हैं, और उन्हें माता-पिता बनने के सफर में विश्वसनीय, सहानुभूतिपूर्ण और समानुभूतिपूर्ण केयर प्रदान करते हैं। हम अपनी अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी, सर्वश्रेष्ठ फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स, और मरीज पर केंद्रित दृष्टिकोण के साथ दंपत्तियों को गर्भधारण में सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा उद्देश्य है, “श्रेष्ठ सेवा, सर्वश्रेष्ठ परिणाम।

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